10 साल, 500 विकेट | जसप्रीत बुमराह - देश की शान और पलटन की ताकत

कूल और शांत दबाव में भी समझदारी से खेलने वाले, अचानक बिजली की तरह बल्लेबाजों पर टूट पड़ना और स्टंप्स को बिखेर देना। यही कहानी है हमारे अपने जसप्रीत बुमराह की!

एक दशक बीत गया, और आज भी ब्लू एंड गोल्ड जर्सी में हमारे जीनियस खिलाड़ी बूम को क्रिकेट जगत के हर दिग्गज से तारीफ और सराहना मिलती रहती है। इंटरनेशनल डेब्यू से पहले ही, क्रिकेट जगत ने वन फैमिली के लिए खेलते हुए उनकी काबिलियत पहचान ली थी। 

2016 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने अंतरराष्ट्रीय डेब्यू के दौरान उनके अनोखे गेंदबाजी एक्शन और घातक यॉर्कर ने सुर्खियां बटोरीं। और यहीं से जेबी युग की आधिकारिक शुरुआत हुई थी। आज भी, बल्लेबाज उनके अनोखे एक्शन, स्लोअर गेंदों, कटर, बाउंसर, इनस्विंगर और आउटस्विंगर को समझने में उलझ जाते हैं और हैरान रह जाते हैं। एक ऐसा गेंदबाज जो जीवन में एक बार ही मिलता है। वह बल्लेबाजों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं हैं। भारत सच में बहुत खुशकिस्मत है कि उनके पास जसप्रीत बुमराह हैं। पलटन इस पर गर्व करना तो बनता है।

उन्होंने कभी विकेटों का पीछा नहीं किया और हमेशा इसका उल्टा ही हुआ। क्योंकि विकेट खुद उनका पीछा करते हैं। उनके क्रिकेट करियर की हर बड़ी उपलब्धि अलग-अलग परिस्थितियों, कड़े मुकाबलों और मजबूत विरोधियों के खिलाफ हासिल हुई। उन्होंने सभी फॉर्मेट में अपना दबदबा कायम किया और देखते ही देखते बॉस लेवल अनलॉक हो गया। हर उपलब्धि उनकी कड़ी मेहनत, समर्पण, दृढ़ता और घंटों की ट्रेनिंग की याद दिलाती है। एक समय में नए खिलाड़ी रहे बुमराह आज भारतीय तेज गेंदबाजी टीम के लीडर हैं। 

उनका करियर 2018 के आसपास शिखर पर पहुंचा, जब वे एक ही कैलेंडर वर्ष में दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच-पांच विकेट लेने वाले पहले एशियाई गेंदबाज बने। दिसंबर 2025 में, वह तीनों इंटरनेशनल फॉर्मेट में 100 विकेट लेने वाले पहले भारतीय गेंदबाज भी बने।

2026 में अपने अंतरराष्ट्रीय डेब्यू के दस साल बाद, उन्होंने 234 टेस्ट विकेट, 149 वनडे विकेट और 117 टी20 विकेट अपने नाम किए। हमारे सुपरमैन, बूम बूम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 500 विकेट लेने वाले 8वें भारतीय बने। उन्होंने खुद को भारतीय टीम के स्ट्राइक बॉलर, अहम विकेट लेने के समय कप्तानों के पसंदीदा गेंदबाज और हर फॉर्मेट में मैच जिताने वाले गेंदबाज के रूप में खुद को साबित किया है।

बुमराह की विरासत हर गेंद पर बनी है। वह एक ऐसे जादूगर हैं जो गली क्रिकेट से लेकर वैश्विक मंच तक हर कला में माहिर हैं। हमने ब्रह्मांड से कुछ खास मांगा, और उसने हमें जसप्रीत बुमराह के रूप में एक बेहद चमकता हीरा दिया।