एमआई ने मुझे सपोर्ट किया, मुझ पर भरोसा दिखाया और मेरा बहुत साथ दिया: रघु शर्मा

मुंबई इंडियंस के प्रतिभाशाली खिलाड़ी बड़ी-बड़ी कहानियां लिखते हैं। 4 मई 2026 को वानखेड़े स्टेडियम में भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जब हमारे अपने रघु शर्मा ने स्पिन, दिल से गेंदबाजी और आईपीएल में अपना पहला विकेट लेकर एक खूबसूरत अध्याय रचा। इस यादगार पल को सालों तक याद रखा जाएगा।💙

चार ओवर, 36 रन, एक विकेट। यह कोई साधारण स्पेल नहीं था, बल्कि एक निर्णायक स्पेल था, जिससे कई लोगों की नजरें रघु पर टिक गईं। उन्होंने शानदार अंदाज में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। जब बल्लेबाजों ने दमदार बल्लेबाजी की तो प्रतिभाशाली गेंदबाज ने अपना धैर्य बनाए रखा और अक्षत रघुवंशी का अहम विकेट हासिल किया। उनका शॉट ठीक से नहीं लगा और पलक झपकते ही रघु ने कैच लपक लिया। इस जश्न में खुशी के साथ जीत की उम्मीद साफ झलक रही थी। 🫶😁

मैच के बाद IPLT20 से बात करते हुए रघु ने अपने सफर के बारे में बात की। इसके साथ ही उन्होंने मुंबई इंडियंस के उनके लगातार सपोर्ट और भरोसे के लिए शुक्रिया अदा किया। IPL में अपना पहला विकेट लेना उनके लिए एक सपने के सच होने जैसा था।

सबसे पहले सफेद चिट के बारे में बात की, जिसे उन्होंने अपने पहले विकेट के बाद पूरे स्टेडियम को दिखाया। शर्मा ने कहा, “मैंने सोचा था कि अगर आज मुझे विकेट मिला, तो मैं इसे जरूर दिखाऊंगा। मुंबई इंडियंस का बहुत-बहुत धन्यवाद। क्योंकि मेरे लिए ये 15 साल काफी मुश्किल भरे रहे हैं। क्रिकेट की शुरुआत कैसे हुई, ये सब मेरे जीवन में कई उतार-चढ़ावों के साथ हुआ। आज ईश्वर की कृपा से, मैं यहां तक पहुंच पाया हूं। एमआई ने मेरा साथ दिया और मुझ पर भरोसा किया। उन्होंने मेरा बहुत सपोर्ट किया और मुझे टीम में बनाए रखा। अब मैं उन्हें यही विश्वास दिला रहा हूं कि हां मैं उनके लिए भी ऐसा कर सकता हूं।

2011 के अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए रघु ने कहा, “हमारे परिवार में सभी इंजीनियर और डॉक्टर हैं। मैं भी एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हूं। उस समय मैं फिट नहीं था, मेरा वजन 102 किलो था। लेकिन फिर भी मैंने कड़ी मेहनत की। उस समय जब मैंने धोनी सर को फाइनल में वो छक्का मारते हुए देखा, तो उसी पल मुझे एक अलग ही प्रेरणा मिली कि मैं भी यह कर सकता हूं।”

लेकिन मेरे पिता ने कहा, क्रिकेट तुम्हारे लिए नहीं है क्योंकि इसमें बहुत दौड़ना पड़ेगा। मैंने 21 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया, तब तक मैं ऐज ग्रुप क्रिकेट खेलने का मौका गंवा चुका था। लेकिन मैं ठान चुका था और मुझे यकीन था कि पक्के इरादे के साथ एक दिन मैं सब कुछ जरूर हासिल कर लूंगा।

रघु ने आगे कहा, “मैंने धीरे-धीरे और लगातार मेहनत के साथ यह सब हासिल किया और इस अनुभव से काफी कुछ सीखा। मैं श्रीलंका और इंग्लिश काउंटी लीग में भी खेल चुका हूं। उम्र कोई मायने नहीं रखती और अगर आप इस तरह के आईपीएल मंच के लिए तैयारी कर रहे हैं, तो आपको मेहनती और मानसिक रूप से मजबूत होना पड़ेगा। क्योंकि इसमें स्किल से ज्यादा खेल की गहरी समझ की जरूरत होती है। खासकर इस मच पर परिपक्वता ही किसी को अच्छा गेंदबाज बनाती है।” 💙

आखिर में उन्होंने ईश्वर में अपनी गहरी आस्था और ट्रेनिंग से मिली मदद पर कहा, “भगवान जगन्नाथ ने मेरा बहुत साथ दिया। मैं पुरी गया, जहां मैंने बीच पर ट्रेनिंग की और महाप्रसाद ग्रहण किया। उसी पल मुझे एहसास हुआ, अगर भगवान का साथ है तो मेरे लिए सब कुछ संभव है। 15 सालों तक मैं सप्ताह में छह दिन, हर दिन लेग स्पिन की प्रैक्टिस करता रहा। अब तक मैं लगभग 10 ओवर गेंदबाजी करता हूं। लगातार गेंदबाजी करते रहना जरूरी है, तभी आपकी कलाई अपने आप काम करने लगती है। हर मैच से पहले मेरा एक प्लान होता है कि मैं इन खास एरिया पर गेंदबाजी करूंगा। इन सभी बातों ने पिछले 15 सालों में मेरी बहुत मदद की है और अब आप इसके नतीजे देख सकते हैं।