श्रीमती नीता एम अंबानी: “आशा है कि बच्चे ढेर सारी यादें लेकर लौटेंगे’’
आज वानखेड़े स्टेडियम में मुंबई इंडियंस का वार्षिक ESA गेम नीले रंग के समंदर में बदल गया, जहां 20,000 से ज्यादा बच्चों ने अपने स्टार खिलाड़ियों के लिए जबरदस्त जोश, ऊर्जा और उत्साह के साथ स्टैंड्स में उमड़े और चीयर किया।
महाराष्ट्र से आए बच्चे, जिनमें दृष्टिबाधित और विशेष रूप से सक्षम बच्चे भी शामिल थे, मुंबई इंडियंस और रिलायंस फाउंडेशन द्वारा आयोजित एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स फॉर ऑल (ESA) के वार्षिक कार्यक्रम में एक साथ शामिल हुए। यह पहल श्रीमती नीता एम अंबानी की सोच है।
बच्चों के उत्साह के बारे में बात करते हुए रिलायंस फाउंडेशन की संस्थापक और प्रेसिडेंट श्रीमती नीता एम अंबानी ने कहा, “सबसे पहले उनकी खुशी देखिए। यहां का माहौल और उत्साह सच में महसूस करने लायक है। मुंबई इंडियंस के लिए यह दिन बहुत खास है। हमने 16 साल पहले रिलायंस फाउंडेशन के जरिए ESA की शुरुआत की थी और शुरुआत से ही हमारी सोच सभी को साथ लेकर चलने की रही है।”
पहली बार 100 दृष्टिबाधित बच्चों ने हियरिंग बडीज़ के साथ ESA गेम में हिस्सा लिया। इस पहल की शुरुआत के बारे में बताते हुए श्रीमती अंबानी ने कहा, “मैं नेशनल एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड के दौरे पर गई थी। मैं पिछले बीस सालों से इन बच्चों के साथ काम कर रही हूं।
यह आईपीएल सीजन से पहले की बात है और बच्चों ने मुझसे कहा नीता मैम, क्या हम एमआई का मैच देखने आ सकते हैं? हम पहले कभी स्टेडियम नहीं गए हैं और लाइव मैच का रोमांच महसूस करना चाहते हैं।’ तो आज वे सब यहां हैं। पूरे सौ बच्चे। मुझे उम्मीद है कि वे बहुत सारे यादगार पल लेकर वापस जाएंगे।”
श्रीमती अंबानी IOC मेंबर भी हैं। उन्होंने भारत के लिए रिलायंस फाउंडेशन के खेलों के लिए बड़े नजरिए के बारे में बात करते हुए कहा, “हमने अपने खेल और शिक्षा संबंधी पहल के जरिए भारत के 28 राज्यों में 29 मिलियन से ज्यादा बच्चों को फायदा पहुंचाया है। हम पांच साल की आयु से लेकर वैश्विक स्तर तक के बच्चों को सुविधाएं देते हैं। उन्हें कोचिंग, खेल विज्ञान और प्रैक्टिस की सुविधाएं देते हैं। हमारे पास न सिर्फ क्रिकेट में, बल्कि एथलेटिक्स, फुटबॉल और कई अन्य खेलों के भी हाई परफॉर्मेस सेंटर हैं।”
भारत के लिए हमारा लक्ष्य एक साझा सपना है, जो हम सभी का है - एक दिन अपने देश में ओलंपिक गेम्स का आयोजन करना। यह एक अरब भारतीयों का सपना है।”
इस साल के ESA गेम में मुंबई, महाराष्ट्र और सतारा, नासिक, वलसाड और इगतपुरी जैसे दूरदराज इलाकों के 40 से ज्यादा NGO पार्टनर्स के बच्चों ने हिस्सा लिया। मैच में 200 से ज्यादा विशेष रूप से सक्षम बच्चों के साथ-साथ 100 दृष्टिबाधित बच्चे भी मौजूद थे।
550 से अधिक BEST बसों ने बच्चों को शहर और राज्य भर में सुरक्षित रूप से पहुंचाने में मदद की, जिसमें एनजीओ, रिलायंस और धीरूभाई अंबानी इंटरनेशनल स्कूल के 2,400 से ज्यादा वॉलंटियर, 100 से अधिक मेडिकल पर्सनल, 92,000 फूड बॉक्स और बड़े स्तर पर ऑन-ग्राउंड कॉर्डिनेशन टीमों ने सहयोग किया। पूरे दिन आसान और सही संचालन के लिए मुंबई पुलिस ने 550 ट्रैफिक ऑफिसर्स और 450 से अधिक पुलिस ऑफिसर्स को तैनात किया।
पिछले 16 वर्षों में, रिलायंस फाउंडेशन की खेल और शिक्षा से जुड़ी पहल ने भारत भर में 29 मिलियन से अधिक बच्चों और युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। इसमें खेल और शिक्षा को सभी को जोड़ने, उम्मीद जगाने और अवसर देने के साधन के रूप में इस्तेमाल किया गया है।
ESA का बढ़ता दायरा लगातार उस सामूहिक प्रयास और समुदाय की भागीदारी को दिखाता है, जो मुंबई इंडियंस की #OneFamily सोच को दर्शाता है। इसमें हर बच्चे पर ध्यान और महत्व दिया गया और उन्हें महसूस कराया गया कि वे इस परिवार का हिस्सा हैं।