साल 2021 में जब आज के दिन भारत ने गाबा में तोड़ा था 32 साल का घमंड!

 

क्रिकेट में कुछ जीतें सिर्फ स्कोरकार्ड तक सीमित रहती हैं, लेकिन कुछ जीत ऐसी होती हैं जो समय के साथ और भी बड़ी होती जाती हैं। 

ठीक पांच साल पहले 2021 में ऑस्ट्रेलिया के गाबा मैदान पर भारत की टेस्ट जीत ठीक वैसी ही एक ऐतिहासिक जीत थी, जिसने न सिर्फ एक सीरीज का नतीजा बदला, बल्कि क्रिकेट के इतिहास में एक नई इबारत लिख दी।

भारत-ऑस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज 1-1 से बराबर थी। फैसला आखिरी टेस्ट में होना था और मंच था ब्रिसबेन का गाबा मैदान। एक ऐसा किला जिसे ऑस्ट्रेलिया पिछले 32 सालों से कोई भी टीम भेद नहीं पाई थी। 

विराट कोहली, रवींद्र जडेजा, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी और रविचंद्रन अश्विन जैसे दिग्गज खिलाड़ी इस मुकाबले में उपलब्ध नहीं थे। इसके बावजूद भारतीय टीम गाबा उतरी तो उसके पास एक चीज जरूर थी, अडिग विश्वास।

टीम संयोजन में दो नए नाम शामिल थे। वॉशिंगटन सुंदर और टी. नटराजन। पहली पारी में भारतीय गेंदबाजों ने अनुशासन और धैर्य के साथ गेंदबाजी की। शार्दुल ठाकुर, नटराजन और वॉशिंगटन सुंदर ने तीन-तीन विकेट लेकर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। 

नतीजा यह रहा कि मेजबान टीम 369 रन पर सिमट गई। एक ऐसा स्कोर जो बड़ा जरूर था, लेकिन निर्णायक नहीं।

भारत की पहली पारी आसान नहीं रही। 186 रन पर छह विकेट गिर चुके थे और ऐसे समय में शार्दुल ठाकुर और वॉशिंगटन सुंदर ने जिम्मेदारी संभाली। दोनों के बीच सातवें विकेट के लिए हुई 123 रन की साझेदारी ने न सिर्फ टीम को संभाला, बल्कि मैच का रुख भी बदल दिया।

दूसरी पारी में शार्दुल ठाकुर ने 4/61 के साथ अपना प्रभाव जारी रखा, जबकि मोहम्मद सिराज ने सीरीज की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी करते हुए 5/73 विकेट झटके। ऑस्ट्रेलिया की टीम दूसरी पारी में भी खुलकर नहीं खेल पाई और भारत के सामने 328 रन का लक्ष्य रखा गया।

गाबा में 328 रन का पीछा करना अपने आप में एक चुनौती थी। शुभमन गिल ने 91 रन की निडर पारी खेलकर रन चेज की नींव रखी। दूसरी ओर चेतेश्वर पुजारा चट्टान की तरह डटे रहे। 56 रन की उनकी पारी ने भारतीय पारी को स्थिरता दी।

आखिरी स्टेज में ऋषभ पंत ने मैच को भारत की पकड़ में ले लिया। 89 रन की उनकी नाबाद पारी सिर्फ आक्रामक बल्लेबाजी नहीं थी, बल्कि बदलती सोच और निडर क्रिकेट का प्रतीक थी। जैसे-जैसे पंत के बल्ले से रन निकलते गए, वैसे-वैसे गाबा का 32 साल पुराना घमंड दरकता चला गया।

आखिरकार भारत ने यह ऐतिहासिक मुकाबला तीन विकेट से जीत लिया। इसके साथ ही गाबा में ऑस्ट्रेलिया की अजेय लकीर टूट गई और भारत ने सीरीज अपने नाम कर ली।