सपने से सफलता तक: अथर्व का शानदार सफर
कभी-कभी मुंबई एक ऐसी कहानी बयां करती है जो सच होते हुए भी सपने जैसी लगती है। यह कहानी अंधेरी ईस्ट के एक शांत फ्लैट में शुरू होकर वानखेड़े की चकाचौंध रोशनी के बीच अपना रास्ता बनाती है।
अथर्व अंकोलेकर का सफर भरोसे, त्याग और उस परिवार की कहानी है जिसने सुख-सुविधाओं के बजाय सपनों को पूरा करना चुना। सिर्फ 19 साल की उम्र में ही उन्होंने बड़े बड़े सपने देखना शुरू कर दिया।
क्रिकेट से उनका नाता बहुत पुराना है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ा। उनके पिता विनोद अंकोलेकर, BEST के बिजली विभाग में काम करते हुए मुंबई की मशहूर कांगा लीग में जॉली क्रिकेटर्स के लिए खेलते थे। उन्होंने अपने बेटे का नाम BEST टीम के स्टार गोल बंड्या के नाम पर प्यार से “बंड्या” रख दिया।
और फिर उन्होंने क्रिकेट को अपना सब कुछ दे दिया। काम पर रात की शिफ्ट, दोपहर में प्रैक्टिस और सुबह स्कूल, अथर्व के दिन एक ही सपने के इर्द-गिर्द घूमते रहे। एक ट्रायल से दूसरे ट्रायल तक प्रतिभा निखर रही थी, लेकिन पैसों की कमी हमेशा आड़े आती रही। फिर भी यह भरोसा कभी नहीं डगमगाया कि अथर्व की असली जगह क्रिकेट के मैदान पर ही है।
मुंबई के मैदानों में उनका सपना आकार लेने लगा। स्कूल क्रिकेट, क्लब टूर्नामेंट, सेलेक्शन ट्रायल्स। अथर्व की ऑलराउंड काबिलियत जल्द ही नजर आने लगी और विनू मांकड़ ट्रॉफी में उनके शानदार प्रदर्शन ने उन्हें नेशनल ऐज-ग्रुप स्टेज पर पहचान दिलाई।
2019 में, उन्होंने अंडर-19 चैलेंजर ट्रॉफी में इंडिया बी का प्रतिनिधित्व किया, मुंबई की अंडर-23 टीम में जगह बनाई और फिर उन्हें बड़ा मौका मिला- श्रीलंका में आयोजित एशिया कप के लिए इंडिया अंडर-19 टीम में शामिल होने का।
अथर्व ने सिर्फ खेला ही नहीं, बल्कि दमदार प्रदर्शन किया। पाकिस्तान के खिलाफ 3/36 और अफगानिस्तान के खिलाफ 4/16 के आंकड़ें दर्ज किए।
और फिर आया फाइनल मुकाबला। सामने था बांग्लादेश और दबाव अपने चरम पर। ऐसे में अथर्व अंकोलेकर ने सबसे अहम वक्त पर खुद को साबित किया। उन्होंने 5/28 के शानदार आंकड़ों के साथ पांच विकेट झटके। भारत ने खिताब जीता, और उन्हें मैन ऑफ द मैच का अवॉर्ड मिला और सबसे महत्वपूर्ण पल में एक युवा मुंबईकर सबसे आगे आया और टीम का साथ दिया।
ऐसा लग रहा था मानो किस्मत उन्हें ब्लू एंड गोल्ड जर्सी की ओर ले जा रही थी। 2020 में, अथर्व मुंबई इंडियंस के नेट बॉलर के रूप में टीम का हिस्सा थे। उन्होंने देखा, सीखा और अपनाया किया। उनका सपना उनका इंतजार कर रहा था।
अब इंतजार खत्म हुआ। मुंबई के अपने खिलाड़ी को IPL 2026 के लिए साइन कर लिया गया है।
जिंदगी अपनी राह खूबसूरती से पूरी कर ही लेती है। अथर्व अंकोलेकर का सफर हौसले से भरा हुआ है, त्याग से भरपूर और एक ऐसे शहर से प्रेरित है जो कभी हार नहीं मानता।
आपका स्वागत है, बंड्या।
पलटन अपने साथी का स्वागत करने के लिए तैयार है।