"अगर शोर नहीं होगा, तो मजा भी नहीं आएगा": लॉर्ड्स में ऐतिहासिक शतक के बाद बोले रोहित शर्मा

"अगर शोर नहीं होगा, तो मजा भी नहीं आएगा": लॉर्ड्स में ऐतिहासिक शतक के बाद बोले रोहित शर्मा

By Mumbai Indians

जब क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित मैदान लॉर्ड्स को एक सुपरस्टार की जरूरत थी, तब भारत के अपने रो-हिटमैन रोहित शर्मा ने आगे बढ़कर ऐसी यादगार पारी खेली, जिसने पूरे स्टेडियम को खड़े होकर तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। 

19 जुलाई 2026 को इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे वनडे में रोहित ने 110 गेंदों में 138 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें 17 चौके और 5 छक्के शामिल रहे। यह उनका 34वां वनडे शतक था, जो अब क्रिकेट इतिहास की सुनहरी यादों का हिस्सा बन चुका है। इस पारी के साथ रोहित का नाम भी प्रतिष्ठित लॉर्ड्स ऑनर्स बोर्ड में दर्ज हो गया। 💙🥳 

रोहित शर्मा लॉर्ड्स में वनडे शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बन गए। उनके हर कवर ड्राइव में खूबसूरती थी, हर पुल शॉट में दमखम और हर चौका इस बात का प्रमाण था कि जब हिटमैन लय में होते हैं तो पूरा खेल उनके इर्द-गिर्द घूमने लगता है। इस पारी के दौरान उन्होंने एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया और किसी विदेशी देश में सबसे ज्यादा (8) वनडे शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए।

भारत को जीत के लिए 50 ओवर में 388 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करना था। पारी की शुरुआत करते समय रोहित जानते थे कि चुनौती बेहद मुश्किल है। उन्होंने धैर्य के साथ शुरुआत की, शुरुआती समय विकेट पर बिताया और फिर अपने स्वाभाविक अंदाज में रन बरसाने शुरू कर दिए। उन्होंने स्कोरबोर्ड के दबाव को कभी अपने खेल पर हावी नहीं होने दिया। 

पूरे आत्मविश्वास और नियंत्रण के साथ खेलते हुए रोहित ने हर ओवर के साथ मैच का रुख बदलने की कोशिश की। उनकी हर बाउंड्री के साथ भारतीय प्रशंसकों की उम्मीदें बढ़ती गईं और ऐसा लगने लगा कि अगर रोहित अंत तक टिके रहे, तो भारत इस असंभव से दिखने वाले लक्ष्य को भी हासिल कर सकता है।

रोहित शर्मा ने एक बार जब लय पकड़ ली, तो इंग्लैंड के गेंदबाजों के पास कोई जवाब नहीं बचा। स्कोरबोर्ड उनकी बल्लेबाजी की रफ्तार के साथ कदम मिलाने के लिए जूझता नजर आया, जबकि उन्होंने ऐसे पल रचे जिन्हें आने वाली पीढ़ियां लंबे समय तक याद रखेंगी। क्रिकेट के अनगिनत महान खिलाड़ियों का साक्षी रहा लॉर्ड्स एक बार फिर भारत के अपने मुंबईचा राजा का ऐतिहासिक प्रदर्शन देख रहा था। 💪 

रोहित ने साबित कर दिया कि क्लास हमेशा कायम रहती है और महानता लगातार की गई मेहनत से हासिल होती है। आज भी देश के लिए नीली जर्सी पहनकर खेलने का उनका जुनून पहले जितना ही प्रबल है और इसी जज्बे के दम पर वह लगातार नए रिकॉर्ड अपने नाम कर रहे हैं।

मैच के बाद BCCI.tv से बातचीत में रोहित शर्मा ने कहा, "मेरा काम बल्लेबाजी करना, मैदान पर उतरना और अपने देश व टीम का प्रतिनिधित्व करना है। डेब्यू के बाद से मुझे यही जिम्मेदारी मिली है। 

शोर-शराबा मेरे डेब्यू के समय भी था और जब तक मैं खेलूंगा, तब तक रहेगा। इससे मुझे ज्यादा फर्क नहीं पड़ता। मेरे लिए सबसे अहम यह है कि मैं मैदान पर क्या करता हूं और टीम की सफलता में कितना योगदान देता हूं। फिलहाल मेरा पूरा ध्यान उसी पर है। शोर रहने दीजिए... अगर शोर ही नहीं होगा, तो मजा भी नहीं आएगा।

क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित मंच पर शर्माजी का बेटा एक बार फिर दुनिया को याद दिला गया कि महान खिलाड़ी सिर्फ मैच नहीं खेलते, बल्कि खेल को और समृद्ध बनाकर जाते हैं। उनकी बल्लेबाजी हर बार करोड़ों प्रशंसकों की उम्मीदों को नई उड़ान देती है और यही वजह है कि जब भी रोहित शर्मा मैदान पर उतरते हैं, पूरा क्रिकेट जगत उनकी एक और यादगार पारी का इंतजार करता है। 💙