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भारत ने सेंचुरियन में दक्षिण अफ्रीका पर दर्ज की ऐतिहासिक जीत, शमी ने पूरा किया विकटों का दोहरा शतक

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच तीन टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला रविवार को शुरू हुआ। यह मैच सेंचुरियन के सुपरस्पोर्ट पार्क स्टेडियम में खेला जा रहा है। टेस्ट मैच के पहले दिन भारत ने तीन विकेट के नुकसान पर 272 रन बना लिए हैं। बताते चलें कि भारतीय टीम दक्षिण अफ्रीका की सरजमीं पर अभी तक कोई टेस्ट सीरीज नहीं जीत सकी है।

भारतीय कप्तान विराट कोहली ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। जहां मयंक अग्रवाल और केएल राहुल ओपनिंग करने क्रीज पर आए। बता दें कि चोट के कारण रोहित शर्मा इस सीरीज का हिस्सा नहीं हैं।

भारत की ओपनिंग जोड़ी ने बड़ी सूझबूझ के साथ पारी की शुरुआत की। लंच तक भारत ने बिना किसी नुकसान के 83 रन बना लिए थे। मयंक 46 और केएल राहुल 29 रन बनाकर क्रीज पर थे। लंच के बाद दोनों खिलाड़ी एक बार फिर फॉर्म में दिखाई दिए। 

लेकिन इस बीच 41वें ओवर की तीसरी गेंद पर मयंक के रूप में भारत को पहला झटका लगा। उन्होंने 123 गेंदों पर 60 रनों की बेहतरीन पारी खेली। जिसमें उनके 9 चौके भी शामिल थे। वहीं, मयंक अग्रवाल को एनगिडी ने LBW किया।

जिसके बाद मैदान पर चेतेश्वर पुजारा आए, लेकिन वह अपना खाता भी नहीं खोल सके और एनगिडी का शिकार होकर पवेलियन चले गए। इसके बाद कप्तान विराट कोहली और उपकप्तान केएल राहुल ने पारी को एक नई रफ्तार दी। केएल ने एनगिडी की गेंद पर एक शानदार चौका जड़कर अपना अर्धशतक पूरा किया।

इस तरह टी ब्रेक तक भारत का स्कोर 2 विकेट के नुकसान पर 157 रन रहा। राहुल 68 और कोहली 19 रन बनाकर क्रीज पर थे। ब्रेक के बाद 69 वें ओवर में विराट के रूप में भारत को तीसरा झटका लगा। कोहली 94 गेंद पर सिर्फ 35 रन ही बना सके और लुंगी एनगिडी का शिकार हो गए। 

इसके बाद अजिंक्य रहाणे बल्लेबाजी करने आए। वहीं, दूसरी तरफ केएल राहुल ने 218 गेंदों पर अपना शतक पूरा किया। पहले दिन के मैच की समाप्ति तक भारत ने तीन विकेट के नुकसान पर 272 रन बना लिए हैं। जहां केएल 122 और रहाणे 40 रन बनाकर क्रीज पर डटे हैं। आपको बताते चलें कि इस मैच में तीनों विकेट दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाज लुंगी एनगिडी ने लिए हैं।

सेंचुरियन टेस्ट का दूसरा दिन भारी बारिश के कारण धुल गया था। हम आपके लिए मैच के तीसरे दिन के हाइलाइट्स लेकर आए हैं।

एनगिडी और रबाडा ने भारतीय बल्लेबाजों को रोका

तीसरे दिन की पिच दूसरे दिन कवर के नीचे रहने के बाद गेंदबाजों के लिए काफी मददगार साबित हुई। एनगिडी और रबाडा ने नई गेंद का पूरा फायदा उठाया। अफ्रीका के गेंदबाजों ने शानदार गेंदबाजी करते हुए वापसी की और भारत के बल्लेबाजों को रन बनाने का मौका नहीं दिया। बता दें कि भारतीय टीम अपनी पहली पारी में तीसरे दिन सिर्फ 55 रन ही जोड़ पाई।

भारतीय गेंदबाजों के आगे अफ्रीकी बल्लेबाज़ हुए पस्त

लंबे ब्रेक के बाद भारतीय टीम में वापसी कर रहे बुमराह और शमी ने बेहतरीन गेंदबाजी की और दक्षिण अफ्रीका के शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों को सस्ते में आउट कर पवेलियन का रास्ता दिखाया। बुमराह ने अफ्रीका की पहली पारी के पहले ओवर में ही कप्तान डीन एल्गर को आउट कर दक्षिण अफ्रीका टीम को करारा झटका दिया। इसके तुरंत बाद शमी ने भी मेजबान टीम को एक और झटका दिया। दूसरे सेशन में अफ्रीकी बल्लेबाजों की हालत और खराब हो गई, जब सिराज ने भी एक विकेट हासिल किया। इसके बाद बुमराह को चोट लग गई और उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा।

बावुमा और डी कॉक ने पारी को संभाला

बावुमा और डी कॉक ने 72 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की और भारतीय गेंदबाजों को विकेट से कुछ देर तक दूर रखा। डी कॉक को उनकी पहली गेंद पर केएल राहुल ने स्लिप में कैच छोड़ कर जीवनदान दिया। जिसके बाद उन्होंने 34 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली। इसके बाद बावुमा ने कुछ शानदार ड्राइव लगाए और तेज गति से टीम के स्कोर को आगे बढ़ाया।

हालांकि, टी ब्रेक से ठीक पहले शार्दुल ठाकुर गेंदबाजी करने आए और डी कॉक को आउट कर मेजबान टीम को एक और झटका दिया। ब्रेक के बाद अफ्रीका की पारी जल्द ही बिखर गई। शमी ने मुल्डर और बावुमा को आउट कर दक्षिण अफ्रीका को बैकफुट पर धकेल दिया। इसके बाद जानसेन और रबाडा ने पारी को संभाला और दोनों खिलाड़ियों के बीच 37 रनों की एक और महत्वपूर्ण साझेदारी हुई, लेकिन एक बार फिर शार्दुल ठाकुर ने वापसी की और जानसेन को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ दिया। इसके बाद शमी और बुमराह ने रही सही कसर पूरी की और अफ्रीकी टीम को 197 रनों पर समेट दिया। इस तरह भारतीय टीम पहली पारी में 130 रनों की बढ़त बनाने में सफल रही।

दूसरी पारी में जल्दी आउट हुए मयंक

पहली पारी में अफ्रीकी बल्लेबाजों को ऑलआउट करने के बाद भारतीय सलामी बल्लेबाज बिना विकेट खोए दिन का खेल खत्म करना चाह रहे थे। मार्को जानसेन ने दिन के आखिरी ओवर में मयंक को कीपर के हाथों कैच करवा कर भारतीय टीम को शुरुआती झटका दिया। दूसरी पारी में अब भारतीय बल्लेबाजी को मिडिल ऑर्डर से काफी उम्मीद होगी ताकि वह बड़ा स्कोर खड़ा कर सके और मेजबान टीम पर और दबाव बना सकें।

सेंचुरियन के सुपरस्पोर्ट पार्क स्टेडियम में खेल के तीसरे दिन 18 विकेट गिरे, तो वहीं शमी के पांच विकेट की बदौलत भारत का पलड़ा भारी हो गया है। पहली पारी में 130 रनों की बढ़त हासिल करने के बाद, भारत बढ़त को और बड़ा करके साउथ अफ्रीका के सामने कड़ी चुनौती देना चाहता था। पहली पारी में शतक लगाने वाले राहुल और तीसरे दिन के नाइट वाचमैन शार्दुल ठाकुर चौथे दिन के खेल के लिए तैयार थे। जानिए कैसा रहा सेंचुरियन टेस्ट का चौथा दिन: 

साउथ अफ्रीका की शानदार शुरुआत 

नाइटवाचमैन ठाकुर शॉट सेलेक्शन के मामले में डबल माइंडेड नज़र आए और रबाडा ने इसका फायदा उठाते हुए उन्हें पवेलियन का रास्ता दिखा दिया। मैदान पर आने के बाद पुजारा लय में दिखे और उन्होंने एक खराब गेंद को चार रन के लिए सीमा रेखा के पार पहुंचाया। हालांकि इसके बाद उन्हें जीवनदान मिला और एनगिडी की गेंद पर रबाडा ने उनका कैच ड्रॉप कर दिया। पुजारा का कैच ड्रॉप हो जाने से दक्षिण अफ्रीका भारत को शुरुआती झटके दे पाने में नाकाम रहा।

दूसरी छोर से राहुल लगातार सही निर्णय के साथ बेहतर शॉट खेलते रहे। हालांकि ड्रिंक्स के बाद उन्होंने एनगिडी की ऑफ स्टंप की ओर जाती हुई गेंद पर कट लगाने की कोशिश की। फर्स्ट स्लिप में खड़े एल्गर ने बिना कोई गलती किए उनका कैच लपक लिया। राहुल ने 74 गेंदे खेलकर 23 रन बनाए। इसके बाद मैदान पर आए कप्तान कोहली ने पुजारा के साथ मिलकर स्कोरबोर्ड को चलाए रखा। 

भारत ने ठाकुर और राहुल का विकेट गंवाने के बाद भी अपनी बढ़त को 200 के पार पहुंचा दिया। सेंचुरियन की पिच तेज गेंदबाजों को असमान उछाल और सिम मूवमेंट के साथ काफी मदद कर रही थी। 

लय में लौटे यानसन

कोहली एक बार फिर से कवर ड्राइव करने की कोशिश करते हैं लेकिन यानसान की गेंद पर वो धोखा खा गए। कोहली, यानसन की फुल डिलीवरी को पढ़ नहीं पाए। गेंद कोहली की उम्मीद से ज्यादा बाहर जा रही थी और उनके बल्ले का किनारा लेते हुए विकेटकीपर के हाथ में चली गई। 18 रन बनाकर आउट होने के बाद उनकी निराशा साफ दिख रही थी। भारत को 79-4 से आगे ले जाने का जिम्मा अब मिडिल ऑर्डर के दिग्गज बल्लेबाज़ रहाणे और पुजारा पर था।

पुजारा ने लेग स्टंप से बाहर जा रही एक गेंद पर शॉट मारने का प्रयास किया लेकिन विकेट के पीछे पकड़े गए। रहाणे ने भी कुछ बेहतरीन शॉट्स खेले लेकिन यानसन की गेंद को पुल करने के प्रयास में उन्होंने अपना विकेट गंवा दिया। डीप स्कॉयर लेग पर वैन डर डूसन ने उनका कैच लपक कर भारत को एक और झटका दिया। चौथे दिन के 38वें और 39वें ओवर में पुजारा और रहाणे के विकेट ने साउथ अफ्रीका को एक बार फिर से गेम में वापस ला दिया। 

पंत और अश्विन ने मिलकर सकारात्मक खेल दिखाते हुए स्कोरिंग रेट को बढ़ाने का काम किया। अश्विन ने पंत के साथ मिलकर सातवें विकेट के लिए 35 रन जोड़े। अश्विन, रबाडा के एक्स्ट्रा बाउंस गेंद का शिकार हो गए। रबाडा की अतिरिक्त उछाल वाली गेंद अश्विन के दस्ताने से लगी और वे विकेट के पीछे पकड़े गए। 34 गेंद खेलकर 34 के निजी स्कोर पर पहुंचे पंत भारत के लिए इस पारी के सबसे बेहतर खिलाड़ी थे। उनकी पारी ने भारत का स्कोर तेजी से आगे बढ़ाया। हालांकि एक बाउंस को गलत आंकना उन्हें महंगा पड़ा और वे पवेलियन लौट गए।

पंत के आउट होने के बाद साउथ अफ्रीका ने तेजी से भारत के पुछल्ले क्रम के बल्लोबाज़ों को आउट कर दिया। सबसे ज्यादा शमी ने 12 गेंदे खेलीं। अंत में यानसान ने सिराज को आउट कर भारत की दूसरी पारी को 174 रनों पर समेट दिया। 

यानसन और रबाडा ने इस पारी में 4-4 विकेट हासिल किए। भारत ने साउथ अफ्रीका के सामने जीत के लिए 305 रनों का लक्ष्य रखा। 

चौथी पारी में बैटिंग करने आई साउथ अफ्रीका की शुरुआत खराब रही। मार्करम पारी के दूसरे ही ओवर में शमी की गेंद पर प्ले-डाउन हो गए। गेंद उनके बल्ले का किनारा लेकर विकेट पर लगी और साउथ अफ्रीका को पहला झटका लगा। इसके बाद एल्गर और पीटरसन ने नई गेंद को सावधानी के साथ खेलते हुए टीम का स्कोर 22-1 तक पहुंचाया। सेंचुरियन की पिच तेज गेंदबाजों को मदद कर रही थी और भारतीय पेसर सही जगह पर गेंदबाजी कर रहे थे। 

एल्गर ने की शानदार बल्लेबाज़ी, बुमराह ने झटके दो विकेट

चायकाल के तुरंत बाद सिराज ने एक आउटस्विंगर डाला और गेंद पीटरसन के बल्ले का बाहरी किनारा लेते हुए विकेटकीपर ऋषभ पंत के हाथ में चली गई। भारतीय तेज गेंदबाजों ने एल्गर के लिए सबकुछ ट्राई किया लेकिन एल्गर ने धैर्य के साथ खेलते हुए वैन डेर डुसेन के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 40 रन जोड़े।

बुमराह की एक गेंद ने इस पार्टनरशिप का अंत कर दिया। बुमराह ने एक आउटसाइड ऑफ गेंद फेंकी जिसे हवा में मूवमेंट मिली और वैन डेर डुसेन क्लीन बोल्ड हो गए। डुसेन इस गेंद को समझ नहीं सके।

बुमराह ने चौथे दिन का खेल खत्म होने से ठीक पहले एक इन-स्विंग यॉर्कर डाली और केशव महाराज को बोल्ड कर दिया। प्रोटियन कप्तान डीन एल्गर एक छोर पर जमे हुए हैं और पांचवें दिन अपने पार्टनर के साथ मैच बचाने उतरेंगे, जबकि भारत को तीन मैचों की सीरीज में 1-0 से बढ़त बनाने के लिए सिर्फ पांच विकेट की दरकार है। 

दक्षिण अफ्रीका का सबसे अभेद किला माने जाने वाले सेंचुरियन में टेस्ट जीत दर्ज करने वाली पहली एशियाई टीम बनकर भारतीय टीम ने इतिहास रच दिया है। इस साल की शुरुआत गाबा में जीत के साथ और अब दक्षिण अफ्रीका में दक्षिण अफ्रीका टीम के खिलाफ 113 रन की जीत के साथ भारत ने एक बार फिर अपनी क्षमता साबित की है।

पांचवें दिन जीत दर्ज करने के लिए भारतीय टीम को छह विकेट की जरूरत थी, चलिए नज़र डालते हैं कैसा रहा पांचवें दिन का खेल

पहले से ही इरादे साफ थे

चौथे दिन बेहतरीन गेंदबाजी प्रदर्शन के बाद भारत ने पांचवें दिन शानदार प्रदर्शन के साथ सेंचुरियन में जीत हासिल कर ली। भारतीय टीम के गेंदबाज़ों ने सही लाइन और लेंथ पर गेंदबाज़ी की, जिसने दक्षिण अफ्रीका की मैच बचाने की कोशिश पर पानी फेर दिया।

दमदार तिकड़ी

बुमराह ने एल्गर को LBW कराकर पांचवें दिल की शुरुआत की। दूसरी ओर मोहम्मद सिराज लगातार बल्लेबाज़ों को परेशान कर रहे थे और आखिर में उन्होंने डी कॉक के रूप में सफलता हासिल की।

पांचवें दिन शमी की सीम पोजीशन उतनी ही स्ट्रेट फॉरवर्ड थी जितने भारत के इरादे थे, जिससे मुल्डर की विकेट हासिल हुई और लंच से पहले दक्षिण अफ्रीका के 7 बल्लेबाज़ धरासाई हो गए।

अश्विन ने भी किया कमाल

दिन में बचे दो सत्रों में भारत को सिर्फ तीन विकेट चाहिए थे। जल्द ही शमी ने यानसन को सीधी गेंद खेलने के लिए उकसाया और पंत ने गेंद को लपक लिया। इसके बाद अश्विन ने भी अपना खाता खोला और 68वें ओवर में रबाडा और नगीडी को क्लीन बोल्ड किया और इसी के साथ सेंचुरियन में भारतीय टीम ने इतिहास रच दिया।

अब भारत नए साल का जश्न जीत के साथ मनाएगा और भारतीय टीम बुलंद हौसलों के साथ वांडरर्स में दूसरे टेस्ट के लिए तीन जनवरी से मैदान पर उतरेगी।