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साउथ अफ्रीका में टेस्ट सीरीज जीतकर इतिहास रचने पर टीम इंडिया की निगाहें

सेंचुरियन टेस्ट में जीत हासिल करने के बाद भारतीय टीम दूसरा टेस्ट मैच जीतकर नए साल का आगाज ऐतिहासिक सीरीज जीतकर करना चाहेगी। भारत और साउथ अफ्रीका के बीच दूसरा टेस्ट मैच 3 जनवरी 2022 से शुरु हो रहा है।

सेंचुरियन में खेली गई सीरीज के पहले टेस्ट मैच में टीम इंडिया ने साउथ अफ्रीका को 113 रनों के बड़े अंतर से करारी शिकस्त दी। इसके साथ ही भारत ने तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में 1-0 से बढ़त बना ली है। बता दें कि सेंचुरियन के मैदान पर अब तक मेजबान टीम महज दो टेस्ट मैच ही हारी है और 2014 के बाद से इस मैदान पर साउथ अफ्रीका को कोई हार नहीं मिली है।

बेहतरीन फॉर्म में चल रहे गेंदबाज और ओपनिंग बैट्समैन के प्रदर्शन के कारण टीम इंडिया सबकी पसंदीदा बन चुकी है। हालांकि भारतीय मध्यक्रम भारत के लिए परेशानी का सबब है। यहां जानिए भारत के सामने टेस्ट सीरीज जीतने में क्या कुछ चुनौतियां हैं।

पहली जीत से दूसरी जीत तक का सफ़र

पहला टेस्ट मैच सेंचुरियन के मैदान पर खेला गया था जहां साउथ अफ्रीका पिछले सात सालों से नाबाद थी और उसे कोई भी टीम यहां हरा नहीं सकी थी।

भारत के जीत का कारवां सेंचुरियन से जोहानसबर्ग के वांडरर्स तक पहुंच गया है। भारतीय टीम इसे अपना किला कह सकती है क्योंकि अब तक के साउथ अफ्रीका के किसी भी दौरे में भारतीय टीम को इस पिच पर हार का सामना नहीं करना पड़ा है।

1992 में पहला टेस्ट खेलने से लेकर अब तक इस मैदान पर भारत ने कुल 5 टेस्ट मैच खेले हैं, जिनमें से दो में टीम ने जीत हासिल किया है तो वहीं 3 ड्रॉ भी खेले हैं।

2018 में साउथ अफ्रीका के पिछले दौरे पर भारत ने वांडरर्स में 63 रनों से जीत हासिल की थी। उस सीरीज में टीम इंडिया महज एक टेस्ट मैच ही जीत सकी थी जो कि वांडरर्स के मैदान पर उन्हें मिली थी।

डुआन ओलिविर की वापसी से प्रोटियाज आत्मविश्वास से लबरेज

लंबे समय के बाद टेस्ट टीम में वापसी कर रहे तेज गेंदबाज डुआन ओलिविर के आने से साउथ अफ्रीकी टीम आत्मविश्वास से लबरेज होगी।

कोविड 19 टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने के बाद डुआन को क्वारेंटीन होना पड़ा था और वो भारत के खिलाफ पहला टेस्ट मैच नहीं खेल सके थे। बता दें कि डुआन ओलिविर साउथ अफ्रीका के घरेलू सर्किट में लीडिंग विकेट टेकर हैं। उन्होंने 11.14 के औसत से 4 मैचों में 28 विकेट हासिल किए हैं। 

रिपोर्ट के मुताबिक डुआन हैमस्ट्रिंग स्ट्रेन से भी पीड़ित थे और अगर वो फिट पाए जाते हैं तो दूसरे टेस्ट मैच में भारत के खिलाफ साउथ अफ्रीकी टीम अपनी जगह पक्की कर लेंगे।

प्रोटियाज, उन्हें वियान मुल्दर या मार्को जैनसन की जगह टीम में शामिल कर सकते हैं। मार्को जैनसन ने पहले टेस्ट मैच में भारत के खिलाफ एक शानदार डेब्यू किया था।

अगर डुआन टीम का हिस्सा होते हैं तो कगिसो रबादा और लुंगी एनगिडी की मौजूदगी में ये एक बेहद घातक साउथ अफ्रीकी पेस अटैक हो सकता है।

डी कॉक - एक पहेली

हालांकि ये पहले से ही तय था कि अपने पहले बच्चे के जन्म के कारण डी कॉक अंतिम दो टेस्ट मैच नहीं खेल पाएंगे। लेकिन उन्होंने अचानक ही संन्यास का एलान कर दिया जिसके बाद साउथ अफ्रीका के अगले विकेटकीपर के सामने एक बड़ी चुनौती होगी।

साउथ अफ्रीका के पूर्व कप्तान ने संन्यास का फैसला अपने परिवार को अधिक समय देने के लिए लिया है।

बतौर विकेटकीपर प्रोटियाई टीम के पास काइल वेरेने और रेयान रिकेलटन ऑप्शन के रूप में मौजूद हैं। इनमें से जो भी वांडरर्स में क्विंटन डी कॉक की जगह खेलेगा उसपर निश्चित रूप से एक बेहतरीन विकेटकीपर बैट्समैन की जगह लेने की चुनौती और दबाव होगा।