एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जीता गोल्ड, श्रीलंका को 147 रन से हराकर रचा इतिहास

एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जीता गोल्ड, श्रीलंका को 147 रन से हराकर रचा इतिहास

By Mumbai Indians

एशिया कप की चमक से लेकर एशियन गेम्स 2026 के गोल्ड तक, कप्तान कौर और भारतीय महिला टीम ने जीत की लय को नई जमीन पर भी कायम रखा। हाल ही में ‘एशिया की क्वीन’ का खिताब हासिल करने के बाद भारतीय टीम के लिए जापान की धरती पर अभी एक और लक्ष्य बाकी था।

इस बार चुनौती अलग थी, देश नया था और परिस्थितियां भी अनजान थीं, लेकिन इस टीम ने हर बार की तरह अपना शत-प्रतिशत दिया। मैदान पर कदम रखते ही मिशन बिल्कुल साफ था, मुकाबला करना, जीत हासिल करना और एक और पदक देश के नाम करना।

भारत ने 2023 और 2026 में लगातार दो एशियन गेम्स गोल्ड मेडल जीतकर देश को गर्व का मौका दिया।

जापान में श्रीलंका को 147 रन से हराकर गोल्ड मेडल जीतना भारतीय महिला टीम की शानदार जीत रही। श्रीलंका ने आखिरी बार भारत को 2024 एशिया कप फाइनल में हराया था, लेकिन उसके बाद से भारतीय महिलाओं ने श्रीलंका के खिलाफ लगातार आठ टी20 इंटरनेशनल मैच जीते हैं।

भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 3 विकेट पर 216 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इसमें स्मृति मंधाना ने 45 गेंदों में 79 रन, शफाली वर्मा ने 48 रन और ऋचा घोष ने 22 गेंदों में नाबाद 49 रन की पारी खेली।

जवाब में श्रीलंका की पूरी टीम 15.4 ओवर में 69 रन पर ऑल आउट हो गई। भारत की ओर से दीप्ति शर्मा ने 3/6 के शानदार गेंदबाजी आंकड़े दर्ज किए।

हर मुकाबले में टीम ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया। गेंदबाजों ने मिलकर विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव बनाया, बल्लेबाजों ने खुलकर अपने शॉट खेले और युवा खिलाड़ियों ने बिना किसी डर के जिम्मेदारी उठाई। 

इससे पहले भारत ने निस्शिन में जापान के खिलाफ क्वार्टरफाइनल मुकाबले में 8 विकेट से जीत के साथ एशियन गेम्स अभियान की शुरुआत की थी। भारत ने 58 रन के लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लिया। 

गेंदबाजी में श्री चरणी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 4 ओवर में 4/10 के आंकड़े दर्ज किए, जबकि शेफाली वर्मा ने 15 गेंदों में नाबाद 40 रन बनाए।

इसके बाद सेमीफाइनल में भारत ने बांग्लादेश को 114 रन से हराया। शेफाली वर्मा के लिए यह यादगार दिन रहा, जब उन्होंने अपना पहला व्हाइट-बॉल इंटरनेशनल शतक लगाया और एशियन गेम्स में शतक जड़ने वाली पहली खिलाड़ी बनीं। 

उन्होंने 49 गेंदों में नाबाद 100 रन बनाए, जिसमें तीन चौके और नौ छक्के शामिल थे। उनका स्ट्राइक रेट 204.08 रहा।

भारत की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने भी 40 रन की उपयोगी पारी खेली। गेंदबाजी में शर्मा बहनों, नंदिनी और दीप्ति, दोनों ने तीन-तीन विकेट अपने नाम किए।

जुझारूपन से गौरव तक, भारत ने पूरे आत्मविश्वास और अंदाज के साथ खेलते हुए हर जगह अपनी ब्लू जर्सी की छाप छोड़ी। हर रन और हर गूंजते उत्साह के साथ हमारी बेटियों ने अपनी मौजूदगी का एहसास पूरी मजबूती से कराया।