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महेला जयवर्धने ने हमें मुंबई इंडियंस की संस्कृति से कराया रूबरू

मुंबई इंडियंस पूरे गर्व के साथ यह कह सकता है कि वे पांच इंडियन प्रीमियर लीग ट्रॉफी के विजेता हैं। हालांकि, उनकी लगातार जीत के पीछे काफी धैर्य, तैयारी और कड़ी मेहनत छिपी हुई है। ऐसे में हेड कोच महेला जयवर्धने से बेहतर हमें और कौन बता सकता है कि टीम की कार्यक्षमता और तैयारी की प्रक्रिया क्या है?

चेन्नई में होने वाले आईपीएल 2021 के आगाज से पहले महेला ने हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत की और बताया कि टीम किस तरह से तैयारी करती है, जिसकी बदौलत उन्हें इतनी अधिक सफलता प्राप्त होती है।

2017 के बाद से श्रीलंका के महान खिलाड़ी और इस टीम के मास्टरमाइंड के साथ हुए इस इंटरव्यू के कुछ अंश हम आपके साथ यहां साझा कर रहे हैं।

आईपीएल 2021 के लिए योजना

“अगर हम खुद को बेहतर करते रहने के लिए प्रेरित नहीं होते हैं, विकसित नहीं होते हैं और खुद को चुनौती नहीं देते हैं तो मुझे लगता है कि एक समूह के रूप में हमारे होने का कोई मतलब नहीं है। हम खिलाड़ियों को चुनौती देते रहेंगे। खेल में सुधार की गुंजाइश तो हमेशा रहती है। आप खुद में संतुष्ट नहीं हो सकते हैं।”

“हर साल हमें अलग-अलग चुनौतियां मिलती हैं। यूएई में टूर्नामेंट खेलना भी एक चुनौती थी, क्योंकि यह वह जगह थी जहां पहले कभी मुंबई इंडियंस ने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया था। हमें उन सभी स्थितियों के साथ सही तालमेल बैठाना पड़ा। इस साल भी हमें अपने घरेलू मैदान पर खेलने का मौका नहीं मिलेगा। यह भी अपने आप में हमारे लिए एक अलग चुनौती है।

“इसलिए हम हर स्थिति में खुद को ढ़ालने की कोशिश करेंगे। मुझे लगता है कि हर सीजन में मिलने वाली ये चुनौतियां ही हैं, जो समूह के प्रत्येक व्यक्ति को प्रेरित करती हैं। हम उन सभी चुनौतियों का निर्माण करते हैं और फिर हम उन प्रक्रियाओं से होकर गुजरने की अपनी पूरी कोशिश करते हैं। एक समूह के रूप में हम इसे बहुत आसान बना देते हैं। यह हर रोज एक प्रतिस्पर्धा करने और उसमें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करने के जैसा है।” 

एमआई के बल्लेबाजों के पास छक्का मारने की अविश्वसनीय क्षमता है

“हम विभिन्न पहलुओं पर बहुत जोर देते हैं। पावर-हिटिंग भी उसी का एक हिस्सा है। हमारे पास (हार्दिक पांड्या और किरोन पोलार्ड) नंबर 5 और 6 पर बल्लेबाजी करने वाले कुछ कमाल के हिटर हैं, और यहां तक कि क्विंटन, रोहित, सूर्यकुमार, ईशान जैसे शीर्ष क्रम के बल्लेबाज भी दमदार छक्के मारने की क्षमता रखते हैं।”

"टी 20 क्रिकेट में, यह काफी फायदेमंद साबित होता है, लेकिन हमने जो भी अच्छे प्रदर्शन किए हैं उस दौरान बड़े शॉट खेलने के साथ ही साथ स्ट्राइक को बदलने और खाली जगहों पर शॉट खेलकर रन बनाने के साधारण और नियमित खेल को भी बरकरार रखा है। इसलिए हमारा रिस्क मैनेजमेंट भी बहुत अच्छा रहा है। जब आप ऐसा करते हैं तो किसी भी पारी के दौरान कुछ बड़ा करने की क्षमता आपको अच्छा फायदा पहुंचाती है।”

मुंबई इंडियंस का नए टैलेंट को चुनने का तरीका

“हमारे पास कुछ ऐसे व्यक्तियों का एक समूह है जो पूरे साल अपना काम करता रहता है, यह मुक़ाबलों को देख रहा होता है, खिलाड़ियों पर नज़र बनाए रहता है। न केवल स्थानीय खिलाड़ियों के लिए बल्कि विदेशी खिलाड़ियों के लिए भी हमारे पास ऐसा नेटवर्क है। और सच कहूं तो यह तुरंत निर्णय लेने जैसा नहीं है। मार्को जानसेन (दक्षिण अफ्रीकी बाएं हाथ के तेज गेंदबाज) इस बात का सबसे बेहतर उदाहरण हैं।”

“हम बीते तीन वर्षों से उन्हें देख रहे हैं। तब वह 17 या 18 साल का था। हमने उसपर नज़र बनाए रखी और जिस समय उसे दक्षिण अफ्रीका (जनवरी में पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट टीम के लिए) के लिए चुना गया, ठीक उसी समय हमने भी उसे चुन लिया था। मुझे नहीं लगता कि स्काउटिंग का कोई रहस्य है। यह महज़ कड़ी मेहनत का नतीजा है और उन सही लोगों को ढूंढ़ने के बारे में है जो अच्छी प्रतिभा को चुनने की क्षमता रखते हैं।”

“आपको उनके चुनने की क्षमता पर भरोसा करना होगा और उनकी कड़ी मेहनत को स्वीकार करना होगा। यह एक प्रक्रिया है। मेरे लिए ऐसे किसी खिलाड़ी का चुनकर आना शानदार है, क्योंकि मैं यह जानता हूं कि वे इस प्रतिभा को खोजने के लिए कितनी मेहनत करते हैं। हम उनपर नज़र रखते हैं और जब हम तय कर लेते हैं कि हमें उनमें निवेश करने की जरूरत है तो हम बेझिझक आगे बढ़ते हैं और ऐसा करते हैं।”

मुंबई इंडियंस के आगे बढ़ने में डेटा की भूमिका

"थोड़ी बहुत ही रही है। सच कहें तो डेटा का उपयोग लगभग सभी टीमों के द्वारा किया जा रहा है। लेकिन हमारे लिए, हमने यह महसूस किया कि उस डेटा को ढूंढना जरूरी होता है जो हमें अलग बनाता है या हमें आगे बढ़ाता है। वहां बहुत कुछ मौजूद है। लेकिन आपको अपने पास मौजूद खिलाड़ियों के समूह के लिए डेटा को अनुकूलित करने की आवश्यकता है और सुनिश्चित करें कि पूरे दल में एक जैसा डीएनए मौजूद रहे। यही वो चीजें हैं जिनपर हम नज़र रखते हैं।”

क्या खिलाड़ियों की क्षमता का सही इस्तेमाल करने के लिए मुंबई इंडियंस सबसे अच्छी टीम है?

"मुझे भी ऐसा ही लगता है। हम बहुत सारे पहलुओं को देखते हैं, न सिर्फ खेल कौशल या किसी खिलाड़ी की पूरी क्षमता। क्योंकि यह बेहद महत्वपूर्ण है कि उन खिलाड़ियों के पास एक निश्चित स्तर की क्रिकेट की समझ भी हो। हम उन्हें खेल के बारे में सोचने, स्थिति के बारे में सोचने का मौका देते हैं और फिर उनका खेल कौशल काम आता है।”

“हम हमेशा यह जरूर महसूस करते हैं कि कुछ नए खिलाड़ी स्क्वाड को बेहतर करते हैं। हमारे पास विकल्प होते हैं और हम उसी के आधार पर आगे बढ़ते हैं और प्रयास करते हैं और खिलाड़ियों को हासिल (नीलामी में) करते हैं। इसी तरह से हमने आरसीबी से क्विंटन डी कॉक या ट्रेंट बोल्ड (दिल्ली कैपिटल्स से) हासिल किया। हमने ईशान (किशन) पर बहुत पैसा खर्च किया। मुझे अभी भी 2018 की नीलामी के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपना पहला सवाल याद है। हमसे पूछा गया कि क्या हम पागल थे, जो उस दौरान खुद को कहीं भी साबित न करने वाले एक युवा भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज पर 6 करोड़ खर्च कर दिए। लेकिन हम सभी ने उसकी क्षमता देखी।”

उन्होंने आगे कहा, 'मुंबई इंडियंस फ्रैंचाइज़ी हमेशा ही ऐसा कुछ करने की कोशिश करती है। ये एक समूह की सोच से होने वाली प्रक्रियाएं हैं। हम ऐसे किसी निर्णय को लेने से पहले बहुत सी चर्चाओं से होकर गुज़रते हैं और उसके बाद हम अपने निर्णय को सही साबित करने के लिए उन खिलाड़ियों को उनकी असली क्षमता तक पहुंचाने के लिए अपना पूरा प्रयास करते हैं और यही टीम को मजबूत बनाता है। यह काफी महत्वपूर्ण बात है।”

क्या एमआई खिलाड़ियों को उनका अंतरराष्ट्रीय डेब्यू करने में मदद करने का श्रेय लेता है?

"मुझे नहीं लगता कि हम इसके लिए पूरा श्रेय ले सकते हैं। मुझे लगता है कि हम भी उस प्रक्रिया का एक हिस्सा हैं। हर कोई एक तय प्रक्रिया का हिस्सा है। हमारा ध्यान केवल टी20 क्रिकेट पर है। खिलाड़ी का विकास विभिन्न पहलुओं पर भी होता है। मुझे लगता है कि हम उस कारण और प्रक्रिया में सिर्फ योगदान दे रहे हैं।”

उन्होंने कहा, 'ज्यादातर भारतीय खिलाड़ियों का विकास तब होता है जब घरेलू भारतीय खिलाड़ी इस तरह की टीम में आते हैं। वे काफी अनुभवी खिलाड़ियों से घिरे होते हैं। टीम में उन्हें जोड़कर जिस तरह से एक माइंडसेट तय किया जाता है, या जिस टैक्टिक्स के साथ हम काम करते है उससे यकीनन किसी भी युवा खिलाड़ी को फायदा मिलता है। उसके बाद वे खेल को बहुत अलग तरीके से देखना शुरू कर देते हैं।”

एमआई की रिटेंशन पॉलिसी, खासतौर पर पोलार्ड के मामले में जो 10 साल से भी अधिक समय से एमआई स्क्वाड का हिस्सा हैं...

“सिर्फ केपी (किरोन पोलार्ड) ही नहीं, हमारे पास लसिथ (मलिंगा) भी हैं, जिन्होंने मुंबई इंडियंस में एक दशक से भी अधिक का समय बिताया है। हम उस कोर ग्रुप या उन लोगों को पसंद करते हैं, जिनके अंदर लीडरशिप क्वालिटी होती है। ये टीम को मैदान के अंदर और बाहर दोनों ही जगह मार्गदर्शित करते हैं। यह केवल उनके व्यक्तिगत प्रदर्शन के बारे में नहीं है। उन्होंने अपने प्रभाव से अन्य खिलाड़ियों को बेहतर बनाया है और युवा खिलाड़ियों को बेहतर बनने के लिए चुनौती दी है।”

“जब वे अपना अनुभव जोड़ते हैं, तो ऐसे में इन लीडर्स को समूह में जोड़े रखने का निर्णय बहुत आसान हो जाता है। क्योंकि आपको मैदान पर अच्छे लीडर्स की जरूरत होती है। यदि आपके पास वह लोग नहीं होते हैं जो आपके द्वारा बनाई गई संस्कृति को समझते हैं तो काफी मुश्किल हो जाता है। मैं यहां केवल पिछले चार साल से हूं, लेकिन बीते 10 वर्षों से फ्रैंचाइज़ी के साथ अन्य कोच रहे हैं, जिन्होंने इस तरह का काम किया है, मैं सिर्फ उसमें अपना जरूरी योगदान जोड़ रहा हूं। मुंबई इंडियंस कुछ ऐसी ही संस्कृति को चाहता था।”

कुल मिलाकर पांच आईपीएल खिताब, और मौजूदा चैंपियन के रूप में लीग में उतरने के साथ ही एमआई को इस आईपीएल में बहुत कुछ करना है। ‘थिंक टैंक’ ने हर खिलाड़ी के सर्वश्रेष्ठ को बाहर लाने के लिए कड़ी मेहनत की है, महेला जयवर्धने ने भी कुछ ऐसा ही हमें बताया है।

हमें एमआई पर पूरा यकीन है और हम आईपीएल 2021 के पहले मुक़ाबले को लेकर काफी उत्साहित हैं, जब मुंबई इंडियंस के खिलाड़ी पहले मैच में मैदान पर अपने कदम रखेंगे तो उनकी नज़रें सिर्फ छठे आईपीएल खिताब पर टिकी होंगी।