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दक्षिण अफ्रीका बनाम भारत: दूसरे टेस्ट मैच के चौथे दिन मेज़बान टीम ने दर्ज की ऐतिहासिक जीत, सीरीज में 1-1 से क

पहले टेस्ट मैच की ऐतिहासिक जीत के बाद भारत और साउथ अफ्रीका के बीच तीन टेस्ट मैचों की सीरीज का दूसरा टेस्ट सोमवार से वांडरर्स स्टेडियम में खेला जा रहा है। इस टेस्ट मैच में भारतीय टीम की बागडोर नए कप्तान केएल राहुल के हाथों में है। 

भारतीय टीम की नज़रें इस टेस्ट सीरीज को अपने नाम करने पर है। वहीं, इस मैच में विराट कोहली अपनी पीठ में खिंचाव के कारण बाहर हैं। उनकी जगह हनुमा विहारी को मौका दिया गया है।

राहुल-मयंक की मजबूत शुरुआत

भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। केएल राहुल और मयंक अग्रवाल मैदान पर उतरे। मंयक अग्रवाल ने दूसरे ओवर की चौथी और आखिरी गेंद पर चौका लगाया। भारतीय टीम ने पांच ओवर में स्कोर 15 रन बनाए, जिसमें मयंक ने 13 रन बनाए। वहीं राहुल ने एक रन बनाया।

आठवें ओवर की तीसरी गेंद राहुल के कंधे से लगी, जिसके बाद दक्षिण अफ्रीका ने राहुल के आउट होने की अपील की, जिसे अंपायर ने ठुकरा दिया। वहीं, टीम ने रिव्यू लेने का फैसला लिया उस पर भी पानी फिर गया।

भारत को पहला झटका 15वें ओवर की पहली गेंद पर मयंक अग्रवाल के आउट होने पर लगा। मयंक ने 37 गेंदों पर 26 रन बनाए और पांच चौके लगाए। 

ओलिवियर का दोहरा विकेट

डुआने ओलिवर ने भारत को दो झटके दिए। डुआने ओलिवर ने भारत को 24वें ओवर में दो झटके दिए। तीसरे नंबर पर चेतेश्वर पुजारा आए। उन्हें पैर जमाने में थोड़ा समय लगा। उन्होंने अजीब तरीके से शॉर्ट गेंदों का सामना किया। डुआने ओलिवियर ने पुजारा का विकेट हासिल किया। उसके बाद कीगन पीटरसन के हाथों साधारण कैच में अजिंक्य रहाणे को कैच आउट कराया।

राहुल की स्थिर रफ्तार

हनुमा और कप्तान राहुल ने सुनिश्चित किया कि भारत लंच से पहले कोई और विकेट न खोए। दूसरे सत्र में हनुमा और राहुल धीमी रफ्तार से आगे बढ़ रहे थे। इसके बाद रबाडा की तेज गेंदबाजी के सामने विहारी टिक नहीं पाए और शॉर्ट लेग पर रस्सी वैन डेर डूसन ने विहारी का कैच लपक लिया। 

लंच ब्रेक तक भारत ने तीन विकेट गंवाकर केवल 53 रन बनाए। लंच के बाद भारतीय बल्लेबाजों को रन बनाने में काफी मुश्किल हुई।

कप्तान डीन एल्गर की शानदार पारी के दम पर दक्षिण अफ्रीका ने भारत को दूसरे टेस्ट मैच में सात विकेट से हराकर जबरदस्त वापसी की और सीरीज में 1-1 से बराबरी कर ली।

वांडरर्स के मैदान पर खेले गए दूसरे टेस्ट में मेज़बान टीम की बल्लेबाजी उतनी खास नहीं रही, इसके बावजूद अफ्रीकी टीम ने भारतीय गेंदबाजों का डट कर सामना किया और खेल के चौथे दिन मैच को सात विकेट से जीत लिया।

जानिए वांडरर्स स्टेडियम में दूसरे टेस्ट का चौथा दिन कैसा रहा

एल्गर और रुस्से ने बेहतरीन खेल दिखाया

चौथे दिन का ज्यादातर खेल बारिश के कारण बाधित रहा, जैसे ही बारिश रुकी तो मैदान के सपोर्ट स्टाफ ने अपना काम बखूबी किया, जिसकी वजह से बाकी का खेल हो सका।

अफ्रीकी कप्तान एल्गर ने अपनी पारी को तीसरे दिन स्टंप्स के बाद जहां छोड़ा था वहीं से शुरु किया और भारतीय गेंदबाजों को विकेट लेने का कोई मौका नहीं दिया। इस बीच उन्होंने अपना अर्धशतक भी पूरा किया और लक्ष्य को 100 रन के भीतर पहुंचा दिया।

दूसरे छोर से रस्सी वैन डेर डूसेन ने कप्तान का बखूबी साथ दिया और भारतीय गेंदबाजी को पटरी पर लौटने का एक भी मौका नहीं दिया। कप्तान के साथ मिलकर रस्सी ने लगातार पारी को आगे बढ़ाना जारी रखा और टीम को जीत के करीब ले गए।

भारत की ओर से मोहम्मद शमी, जसप्रीत बुमराह और शार्दुल ठाकुर की तिकड़ी ने कसी हुई गेंदबाजी की। इसके बावजूद उन्हें कोई सफलता नहीं मिली। मैदान गीला होने की वजह से गेंद भी गीला हो गया था, जिसके कारण भारतीय गेंदबाज गेंद को स्विंग करने में असफल रहे।

शमी ने भारत को सफलता दिलाई

शमी ने एल्गर और डूसेन की बढ़ती साझेदारी पर ब्रेक लगाने का काम किया। दरअसल शमी की बाहर निकलती गेंद पर डूसेन ने शॉट खेलने का प्रयास किया लेकिन वह असफल रहे और गेंद बल्ले का बाहरी किनारा लेकर स्लिप में चली गई।

स्लिप में खड़े पुजारा ने कैच कर डूसेन को पवेलियन भेजा लेकिन डूसेन ने तब तक अपना काम कर दिया था। आउट होने से पहले डूसेन ने महत्वपूर्ण 40 रन बनाए।

महज दो ओवर के बाद भारत के लिए विकेट चटकाने का एक और मौका बना, शार्दुल ने अपनी हीं गेंद पर फॉलोथ्रू में बावुमा का कैच टपका दिया। तब भारत को महज 65 रन हीं डिफेंड करने थे और हर एक ओवर के बाद अफ्रीका जीत के करीब आता गया।

एल्गर ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए पासा पलटा

दक्षिण अफ्रीका के कप्तान डीन एल्गर ने कप्तानी पारी खेलकर टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई। एल्गर ने अंतिम 40 रन तेज गती से बनाए और अफ्रीका ने भारत के ऊपर वांडरर्स के मैदान पर पहली जीत दर्ज की।

एल्गर ने अपनी साहसी पारी में कुल 309 मिनट तक बल्लेबाजी की, जिसमें उन्होंने 188 गेंदों का सामना किया और नाबाद 96 रन बनाकर टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई।

मेजबान टीम ने सात विकेट शेष रहते 240 रनों का पीछा किया और सीरीज में 1-1 से बराबरी कर ली। अब सीरीज का फाइनल और अगला टेस्ट 11 जनवरी से केपटाउन के न्यूलैंड्स के मैदान पर खेला जाएगा।

भारत भले ही यह मैच हार गया हो लेकिन शार्दुल ठाकुर की पहली पारी में सात विकट और फिर अश्विन की ठोस बल्लेबाजी उसके बाद पुजारा और रहाणे का फॉर्म में वापस आना टीम के लिए अगले टेस्ट में काफी मददगार साबित होगा।

अगले टेस्ट में भारत का लक्ष्य बेहतर प्रदर्शन करना होगा, खासकर बल्ले से। ताकि भारतीय टीम अफ्रीकी ज़मीन पर पहली बार टेस्ट सीरीज जीतने में कामयाब हो सके।

टीम इंडिया ने 41वें ओवर में अपना 100 रन पूरा किया। इसी के साथ केएल राहुल ने अपने करियर का तेरहवां अर्धशतक बनाया। 45वें ओवर की तीसरी गेंद पर राहुल ने लुंगी एनगिडी की गेंद पर एक रन लेकर अपना अर्धशतक पूरा किया। 46वें ओवर की पांचवीं गेंद पर मार्को जानसेन ने केएल राहुल को रबाडा के हाथों कैच आउट कराया।

इसके बाद रविचंद्रन अश्विन और ऋषभ पंत ने स्कोर बोर्ड को संभाला। मार्को जानसेन ने 54वें ओवर में ऋषभ पंत को विकेटकीपर वेरेनी के हाथों कैच आउट कराया। 56वें ओवर के बाद सात विकेट के नुकसान पर भारत का स्‍कोर 162 पहुंच गया। भारतीय टीम की पहली पारी 63.1 ओवर में 202 रन पर ऑलआउट हो गई।

जल्दी ही शमी ने मारी बाजी 

दक्षिण अफ्रीका की पारी की शुरूआत डीन एल्‍गर और एडेन मार्करम ने की। चौथे ओवर में मोहम्मद शमी ने दक्षिण अफ्रीका को पहला झटका दिया। शमी ने एडेन मार्करम को LBW किया। पहले दिन का खेल खत्म होने पर दक्षिण अफ्रीका ने एक विकेट के नुकसान पर 18 ओवर में 35 रन बनाए। 

दक्षिण अफ्रीका की टीम भारत के स्‍कोर से 167 रन पीछे है और नौ विकेट अभी भी बाकी हैं। अफ्रीका की ओर से मार्को जानसेन ने चार विकेट लिए। वहीं, कगिसो रबाडा और डुआने ओलिवर को तीन-तीन विकेट मिले। दूसरी तरफ भारत की ओर से शमी ने एक विकेट अपने नाम किया।

पहले टेस्ट मैच की ऐतिहासिक जीत के बाद भारत और साउथ अफ्रीका के बीच तीन टेस्ट मैच की सीरीज का दूसरा मुकाबला सोमवार से वांडरर्स स्टेडियम में खेला जा रहा है। 4 जनवरी 2022 को मैच का दूसरा दिन है।

पहले दिन का खेल खत्म होने पर भारत ने 63.1 ओवर में 202 रन बनाकर ऑलआउट हुई थी। वहीं अफ्रीका ने एक विकेट खोकर 35 रन बनाए थे।

दूसरे दिन के खेल की शुरुआत मोहम्‍मद शमी ने पहला ओवर डालकर की। कप्‍तान डीन एल्‍गर 11 रन और कीगन पीटरसन 14 रन बनाकर मैदान पर बने रहें। विकेट लेने की कोशिश में मोहम्मद शमी और जसप्रीत बुमराह लगे रहे। बुमराह ने दूसरा ओवर डाला। 20वें ओवर में दक्षिण अफ्रीका का स्‍कोर 38 रन हो गया।

पहले सत्र में भारतीय गेंदबाज संघर्ष करते नजर आए। भारतीय गेंदबाज विकेट लेने में कामयाब नहीं हुए हैं। 31वें ओवर में दक्षिण अफ्रीका ने 64 रन बनाए हैं।

शार्दुल की ट्रिपल स्ट्राइक

39वें ओवर में भारत को दूसरा विकेट शार्दुल ठाकुर ने दिलाया। विकेटकीपर ऋषभ पंत ने एल्गर को कैच आउट किया। एल्गर ने दूसरे विकेट के लिए पीटरसने के साथ 74 रन की अर्धशतकीय साझेदारी की।

पीटरसन ने 40वें ओवर में चौका जड़कर टेस्ट करियर का पहला अर्धशतक बनाया। उन्होंने 104 गेंदों में 61 रन बनाए हैं। इसी के साथ अफ्रीका का स्कोर 100 हो गया।

एल्गर के आउट होने के बाद रस्सी वैन डेर ड्यूसेन पीटरसन का साथ देने आए। लेकिन शार्दुल ठाकुर ने 43वें ओवर में पीटरसन को मयंक अग्रवाल के हाथों कैच आउट करा दिया। पीटरसन ने 118 गेंदों में 9 चौके की मदद से 62 रन बनाए।

इसी के साथ ठाकुर ने इस मैच में अपना दूसरा विकेट लिया। एक बार फिर ठाकुर ने विकेट लिया। ठाकुर के विकेट लेने की बदौलत खेल में भारतीय टीम ने वापसी की।

ठाकुर ने ऑफ स्‍टंप के बाहर गेंद डाली, जिस पर डुसैन के बल्‍ले का बाहरी किनारा लगा और वह पंत के हाथों कैच आउट हो गए। डुसैन 17 गेंदों में एक रन बनाकर आउट हो गए।

वेरेन और बवूमा ने अफ्रीका को संभाला

लंच के बाद 51वें ओवर के बाद दक्षिण अफ्रीका ने चार विकेट के नुकसान पर 129 रन बनाए। काइल वेरेन और टेंबा बवूमा ने टीम की स्थिति को सुधारा और 55 ओवर के बाद टीम का स्कोर 133 हो गया।

ठाकुर ने एक बार फिर अफ्रीका को झटका दिया। 65वें ओवर में ठाकुर ने काइल वेरेन को LBW किया। वेरेन ने 72 गेंदों में दो चौके की मदद से 21 रन बनाए और 65 ओवर के बाद दक्षिण अफ्रीका का स्‍कोर 162/5 हो गया।

शार्दुल शानदार प्रदर्शन करते हुए उन्होंने पांचवां विकेट भी अपने नाम किया। टेंबा बवूमा को पंत के हाथों कैच आउट कराया। बवूमा ने 60 गेंदों में 6 चौके और एक छक्‍के की मदद से 51 रन बनाए।

वहीं शमी ने भी अपना दूसरा विकेट झटका। शमी ने कगिसो रबाडा को खाता भी नहीं खोलने दिया और मिड ऑन पर सिराज के हाथों कैच आउट करवाया। सात विकेट गंवाकर अफ्रीका का स्कोर 201 रन के पार पहुंच गया। इसी के साथ दक्षिण अफ्रीका ने भारत के पहली पारी के स्कोर पर बढ़त बना ली।

जसप्रीत बुमराह ने केशव महाराज को क्‍लीन बोल्‍ड करके अपना पहला लिया। महाराज ने 29 गेंदों में तीन चौके की मदद से 21 रन बनाए। महाराज के आउट होने के बाद 76वें ओवर में दक्षिण अफ्रीका ने 217 जोड़ें।

इसके बाद ठाकुर ने 80वें ओवर की पहली गेंद पर मार्को जेनसेन का कैच लपका और चौथी गेंद पर लुंगी एनगिडी को पंत के हाथों कैच आउट कराया। मार्को ने 34 गेंदों में तीन चौके की मदद से 21 रन और एनगिडी ने अपना खाता भी नहीं खोला। इसी के साथ दक्षिण अफ्रीका की पहली पारी 229 रन पर सिमट गई। अफ्रीका ने भारत के खिलाफ 27 रन की बढ़त बनाई।

भारत ने बनाई बढ़त

भारत की दूसरी पारी की शुरुआत करने केएल राहुल और मयंक अग्रवाल आए। रबाडा ने पारी का पहला ओवर डाला। मयंक और केएल राहुल ने तेज शुरुआत दिलाई। पांच ओवर के बाद मयंक ने 16 रन और राहुल 7 रन बनाकर भारत के लिए 23 रन जोड़े।

अभी खेल शुरू ही हुआ था कि मार्को ने सातवें ओवर में राहुल को एडेन मार्करम के हाथों कैच आउट करा दिया। राहुल ने 21 गेंदों में एक चौके की मदद से आठ रन बनाए।

दसवें ओवर के बाद भारत ने 31 रन बनाए। इसमें चेतेश्‍वर पुजारा दो रन और मयंक ने 19 रन जोड़े।

12वें ओवर में डुआने ओलिवर ने मयंक को LBW किया। वह लाइन को भांप नहीं पाए और गेंद जाकर मयंक के पैड पर लगी। मयंक ने 37 गेंदों में पांच चौके की मदद से 23 रन बनाए।

चेतेश्‍वर पुजारा और अजिंक्‍य रहाणे मैदान पर डटे रहे। दोनों की कोशिश भारतीय टीम को बढ़त दिलाने की रही। दोनों ने 41 रन की साझेदारी की। चेतेश्‍वर पुजारा 35 रन और अजिंक्‍य रहाणे 11 रन बनाकर मैदान पर बने हुए हैं।

दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक भारत ने दो विकेट खोकर 85 रन बनाए। भारत ने 58 रन की बढ़त हासिल कर ली है।

भारतीय टीम ने दक्षिण अफ्रीका को पहली पारी में सिर्फ 27 रनों की बढ़त हासिल करने दी जिसके बाद भारत की दूसरी पारी की शुरुआत बेहद खराब रही और सलामी बल्लेबाज केएल राहुल और मयंक अग्रवाल जल्द ही आउट हो कर पवेलियन लौट गए।

इसके बाद, चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे ने दूसरे दिन के शेष समय तक बल्लेबाजी की और तीसरे दिन दोनों बल्लेबाजों ने भारत के लिए ठोस शुरुआत की।

जानिए वांडरर्स स्टेडियम में दूसरे टेस्ट का तीसरा दिन कैसा रहा

चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे ने खेल के तीसरे दिन भारत के लिए शानदार शुरुआत की और दोनों बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाते हुए भारत को बढ़त दिला दी।

मार्को यानसन और लुंगी एंगिडी ने मेजबान टीम के लिए गेंदबाजी की शुरुआत की लेकिन टीम को सफलता दिलाने में असफल रहे। दूसरी ओर रहाणे और पुजारा ने तेजी से रन बनाए और विरोधी टीम पर लगातार दबाव बनाए रखा।

मेजबान टीम ने अपने सबसे सफल गेंदबाज कगिसो रबाडा और डुआन ओलिवर को गेंदबाजी सौपीं लेकिन दोनों गेंदबाजों में से कोई भी गेंदबाज ने पुजारा और रहाणे की साझेदारी को नहीं तोड़ पाया।

तीसरे दिन महज आठ ओवर का ही खेल हो पाया था कि भारतीय टीम की लीड 100 के पार चली गई और इस बीच पुजारा और रहाणे ने भी अपनी अर्धशतक पूरी कर ली।

रबाडा ने तोड़ी साझेदारी

जब ऐसा लग रहा था कि भारत बड़ी बढ़त की ओर बढ़ रहा है तभी कगिसो रबाडा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए दक्षिण अफ्रीका को सफलता दिलाई और मैच को बराबारी पर ला खड़ा किया।

सबसे पहले रहाणे ने एक दूर की गेंद पर शॉट लगाने की कोशिश की लेकिन गेंद बल्ले का बाहरी किनारा लेकर विकेटकीपर वेरेन की दस्ताने में चली गई इसके एक ओवर बाद ही पुजारा एक इनस्विंगर गेंद पर LBW हो गए।

नए बल्लेबाज रिषभ पंत ने भी बोर्ड पर कोई रन जोड़े बिना अपना विकेट गंवा दिया। उन्होंने रबाडा की गेंद पर क्रीज से आगे निकल कर शॉट खेलने का प्रायास किया लेकिन गेंद बल्ले का बाहरी किनारा लेकर एक बार फिर विकेटकीपर वेरेन के दस्ताने में चली गई। इस बीच भारत छह ओवरों के बीच 155-2 के स्कोर से 167-5 तक पहुंच गया।

रविचंद्रन अश्विन भी पहली पारी की फॉर्म को दोहरा नहीं सके और लंच से ठीक पहले आउट हो गए, इसके बाद भारत का स्कोर 188/6 हो गया और तब तक मेहमान टीम ने 161 की बढ़त हसिल कर ली थी। 

विहारी और शार्दुल ने भारतीय पारी को संभाला        

रबाडा की शानदार गेंदबाजी के बाद, हनुमा विहारी और पहली पारी के नायक रहे शार्दुल ठाकुर ने भारतीय पारी को संभाला और दोनों बल्लेबाजों के बीच 41 रनों की साझेदारी हुई जिसके बाद भारतीय पारी पटरी पर लौट आई।

एक छोड़ से विहारी संभल कर पारी को आगे बढ़ा रहे थे तो दूसरी छोर से शार्दुल ने ताबरतोड़ बल्लेबाजी करते हुए पांच चौकों और एक छक्के की मदद से सिर्फ 24 गेंदों में 28 रन ठोक दिए।

हालांकि, विहारी 40 रन बनाकर नाबाद रहे। दूसरी ओर से भारतीय टेलेंडर्स को दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाजों ने पवेलियन भेजने के लिए ज्यादा देर नहीं लगाई। 

इसके बाद भारत की दूसरी पारी 266 रनों पर सिमट गई। अफ्रीका की ओर से रबाडा, यानसेन और एनगिडी ने तीन-तीन विकेट चटकाए। भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 240 रनों का लक्ष्य दिया।

दक्षिण अफ्रीका ने संभलकर की शुरुआत

सलामी बल्लेबाज एडेन मार्करम और डीन एल्गर ने दक्षिण अफ्रीका की पारी की शानदार शुरुआत की और महज 10 ओवर में सात चौके लगाकर 47 रन बना दिए।

हालांकि, शार्दुल ठाकुर ने मार्करम को आउट कर इस बढ़ती साझेदारी को तोड़ दिया। शार्दुल की स्विंग होती गेंद मार्कराम के पिछले पैड पर लगी ओर वह प्लंब हो गए।

मेजबान टीम की ओर से डीन एल्गर सहजता से बल्लेबाजी करते रहे और स्कोरबोर्ड को आगे बढ़ाते रहे। वह फिलहाल 121 गेंदो में से 46 रन बनाकर नाबाद हैं।

दक्षिण अफ्रीका ने तीसरे रोमांचक दिन को 118/2 के स्कोर पर समाप्त किया अब मेजबान टीम को जीत के लिए 122 रनों की आवश्यकता है और मैच में दो दिन का खेल शेष है।

दक्षिण अफ्रीका की धरती पर भारत को अपनी पहली टेस्ट सीरीज जीतने के लिए खेल के चौथे दिन बेहतरीन खेल दिखाना होगा। लेकिन हमने इस टेस्ट में बंडलों में विकेट गिरते देखा है,भारत इस मैच में प्रोटियाज टीम को ऑलआउट कर इतिहास रच सकता है।

कप्तान डीन एल्गर की शानदार पारी के दम पर दक्षिण अफ्रीका ने भारत को दूसरे टेस्ट मैच में सात विकेट से हराकर जबरदस्त वापसी की और सीरीज में 1-1 से बराबरी कर ली।

वांडरर्स के मैदान पर खेले गए दूसरे टेस्ट में मेज़बान टीम की बल्लेबाजी उतनी खास नहीं रही, इसके बावजूद अफ्रीकी टीम ने भारतीय गेंदबाजों का डट कर सामना किया और खेल के चौथे दिन मैच को सात विकेट से जीत लिया।

जानिए वांडरर्स स्टेडियम में दूसरे टेस्ट का चौथा दिन कैसा रहा

एल्गर और रुस्से ने बेहतरीन खेल दिखाया

चौथे दिन का ज्यादातर खेल बारिश के कारण बाधित रहा, जैसे ही बारिश रुकी तो मैदान के सपोर्ट स्टाफ ने अपना काम बखूबी किया, जिसकी वजह से बाकी का खेल हो सका।

अफ्रीकी कप्तान एल्गर ने अपनी पारी को तीसरे दिन स्टंप्स के बाद जहां छोड़ा था वहीं से शुरु किया और भारतीय गेंदबाजों को विकेट लेने का कोई मौका नहीं दिया। इस बीच उन्होंने अपना अर्धशतक भी पूरा किया और लक्ष्य को 100 रन के भीतर पहुंचा दिया।

दूसरे छोर से रस्सी वैन डेर डूसेन ने कप्तान का बखूबी साथ दिया और भारतीय गेंदबाजी को पटरी पर लौटने का एक भी मौका नहीं दिया। कप्तान के साथ मिलकर रस्सी ने लगातार पारी को आगे बढ़ाना जारी रखा और टीम को जीत के करीब ले गए।

भारत की ओर से मोहम्मद शमी, जसप्रीत बुमराह और शार्दुल ठाकुर की तिकड़ी ने कसी हुई गेंदबाजी की। इसके बावजूद उन्हें कोई सफलता नहीं मिली। मैदान गीला होने की वजह से गेंद भी गीला हो गया था, जिसके कारण भारतीय गेंदबाज गेंद को स्विंग करने में असफल रहे।

शमी ने भारत को सफलता दिलाई

शमी ने एल्गर और डूसेन की बढ़ती साझेदारी पर ब्रेक लगाने का काम किया। दरअसल शमी की बाहर निकलती गेंद पर डूसेन ने शॉट खेलने का प्रयास किया लेकिन वह असफल रहे और गेंद बल्ले का बाहरी किनारा लेकर स्लिप में चली गई।

स्लिप में खड़े पुजारा ने कैच कर डूसेन को पवेलियन भेजा लेकिन डूसेन ने तब तक अपना काम कर दिया था। आउट होने से पहले डूसेन ने महत्वपूर्ण 40 रन बनाए।

महज दो ओवर के बाद भारत के लिए विकेट चटकाने का एक और मौका बना, शार्दुल ने अपनी हीं गेंद पर फॉलोथ्रू में बावुमा का कैच टपका दिया। तब भारत को महज 65 रन हीं डिफेंड करने थे और हर एक ओवर के बाद अफ्रीका जीत के करीब आता गया।

एल्गर ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए पासा पलटा

दक्षिण अफ्रीका के कप्तान डीन एल्गर ने कप्तानी पारी खेलकर टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई। एल्गर ने अंतिम 40 रन तेज गती से बनाए और अफ्रीका ने भारत के ऊपर वांडरर्स के मैदान पर पहली जीत दर्ज की।

एल्गर ने अपनी साहसी पारी में कुल 309 मिनट तक बल्लेबाजी की, जिसमें उन्होंने 188 गेंदों का सामना किया और नाबाद 96 रन बनाकर टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई।

मेजबान टीम ने सात विकेट शेष रहते 240 रनों का पीछा किया और सीरीज में 1-1 से बराबरी कर ली। अब सीरीज का फाइनल और अगला टेस्ट 11 जनवरी से केपटाउन के न्यूलैंड्स के मैदान पर खेला जाएगा।

भारत भले ही यह मैच हार गया हो लेकिन शार्दुल ठाकुर की पहली पारी में सात विकट और फिर अश्विन की ठोस बल्लेबाजी उसके बाद पुजारा और रहाणे का फॉर्म में वापस आना टीम के लिए अगले टेस्ट में काफी मददगार साबित होगा।

अगले टेस्ट में भारत का लक्ष्य बेहतर प्रदर्शन करना होगा, खासकर बल्ले से। ताकि भारतीय टीम अफ्रीकी ज़मीन पर पहली बार टेस्ट सीरीज जीतने में कामयाब हो सके।