तिलक वर्मा ने बताया - रोहित-हार्दिक की बातों से मिली 101* रन बनाने की हिम्मत 

तिलक वर्मा ने बताया - रोहित-हार्दिक की बातों से मिली 101* रन बनाने की हिम्मत 

By Mumbai Indians

पहले पांच मैचों में 43 रन और अगले मैच में 101* रन। तिलक वर्मा इन दिनों सुर्खियों में छाए हुए हैं और वो भी सही वजह है। कप्तान हार्दिक पांड्या और रोहित शर्मा भी इसमें शामिल हैं। 

उनके साथ हुई बातचीत ने उन्हें काफी मदद की। तिलक ने गुजरात टाइटन्स के खिलाफ खेली गई अपनी इस शानदार पारी का श्रेय उन्हें दिया है। 🙏

उन्होंने सीएसके के खिलाफ मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “रोहित भाई ने मुझे 15 गेंदें खेलने को कहा। उन्होंने कहा कि हर कोई जानता है कि अगर मैं 15 गेंदें खेलता हूं तो मैं क्या कर सकता हूं। उन्होंने मुझसे कहा कि मैं हालात पर ध्यान ना दूं और बस 15 गेंदें खेलूं। यही बात मेरे दिमाग में थी। जब मैंने 15 गेंदें खेलीं, तो बेहतर शॉट लगाने की स्वाभाविक समझ आ गई।”

उन्होंने कहा, उस पारी की एक और अहम खासियत हार्दिक के साथ उनकी पार्टनरशिप थी, और तिलक को इससे काफी हौसला मिला और उन्होंने अपनी पारी को और भी आक्रमक बना दिया। हार्दिक भाई हमेशा खिलाड़ियों का साथ देते हैं। वह मुझसे बार-बार कह रह थे, ‘तू करेगा’, ‘तू करके दिखाएगा’। वो अपनी ऊर्जा से खिलाड़ियों को प्रेरित करते रहते हैं। उनकी कप्तानी इसी ऊर्जा पर आधारित है।” 

उन्होंने इसे 'ईश्वर की योजना' कहा, “तिलक के दिमाग में झांककर देखिए, आपको साफ सोच नजर आएगी। कब शॉट लगाना है, कब स्थिर रहना है, कब खेल खत्म होने का इंतजार करना है, कब आक्रामक होकर खेलना है। उनकी शानदार 101* रन की पारी में ऐसा लग रहा था मानो उन्होंने सब कुछ सोच-समझकर किया हो।” 💪

उन्होंने आगे कहा, “मुझे पता है कि मैं पूरे मैदान में शॉट खेल सकता हूं। मेरे पास शानदार शॉट्स हैं और मैं डाउन द ग्राउंड भी खेल सकता हूं। जब भी टीम को विकेट पर टिकने की जरूरत होती है या जब टीम को रनों की जरूरत होती है, मैं अपना गियर बदल लेता हूं और देखता हूं कि किस गेंदबाज पर अटैक करना है। कुछ दिन गेंदबाजों का सम्मान करना पड़ता है और कुछ दिन आक्रामक खेलना होता है। शुरुआत में मैंने सभी गेंदबाजों का सम्मान किया।”

तिलक ने कहा, “जब शुरुआत में राशिद खान मुझे गेंदबाजी कर रहे थे, तो भले ही मुझे लगता था कि गेंद मेरी रेंज में है, फिर भी मैंने सिर्फ सिंगल लेने की कोशिश की क्योंकि टीम की स्थिति ऐसी थी कि मैं मैदान पर बना रहूं। मैंने इसे ‘ईश्वर की योजना’ कहा। जब मैंने शॉट खेलने की कोशिश की, तो शॉट्स अच्छे से लगे और आखिर में चीजें मेरे पक्ष में रहीं।” 💙