एमआई स्टार ट्रैकर [स्मॅट 2022]
विज्ञापन / परिचय: बड़े हिट लगाने से लेकर चूक जाने तक, नई ऊंचाइयां छूने से लेकर होश उड़ा देने तक, यहां एक ताजा रिपोर्ट है जो भारतीय घरेलू सर्किट में हमारे सुपरस्टार को फॉलो करती है
सेमीफाइनल | दसवां दिन – 3 नवंबर 2022
रमनदीप सिंह: एक ऐसे मुकाबले में जो काफी कठिन था और लगभग पूरी तरह से खत्म लग रहा था, रमनदीप सिंह ने अपनी शानदार बल्लेबाजी की बदौलत हिमाचल प्रदेश को कड़ी टक्कर दी। उन्होंने 15 गेंदों में 29 रनों की धमाकेदार पारी खेली जिसमें तीन चौके और दो छक्के शामिल थे।
मयंक मारकंडे: सेमीफाइनल जैसे बड़े मुकाबले में, मयंक मारकंडे के स्पेल के पहले ओवर में विरोधी टीम ने 19 रन बनाए। उनके स्पेल की पहली तीन गेंदों पर एक चौका और दो छक्का पड़ा। इसके बाद उन्होंने मैच में गेंदबाजी नहीं की।
अनमोलप्रीत सिंह: अनमोलप्रीत सिंह ने इस बार अर्धशतक नहीं लगाया। लेकिन, 25 गेंदों में 30 रन की तेज-तर्रार पारी खेलते हुए उन्होंने लक्ष्य तक पहुंचने के सफर को आसान बना दिया। हालांकि, वे बाएं हाथ के स्पिनर की गेंद पर आउट हो गए।
दिन 8 – अक्टूबर 30 2022
अनमोलप्रीत सिंह: उनके प्रदर्शन को देख कर ऐसा लगता है कि अनमोल कई सालों से बल्लेबाजी कर रहे हैं। प्री-क्वार्टर में छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए अनमोल ने आखिरी के दो ओवरों में पंजाब की पारी को शानदार अंदाज में खत्म किया। उन्होंने 9 गेंदों का सामना करते हुए एक छक्का और दो चौकों की मदद से 20 रन बनाए।
रमनदीप सिंह: यह मैच इस ऑलराउंडर खिलाड़ी के लिए अच्छा साबित नहीं हुआ। रमनदीप सिंह को गेंदबाजी करने का मौका नहीं मिला और बल्ले से भी वह सिर्फ दो रन ही बना सके। हालांकि, उन्होंने सिर्फ तीन गेंदों का सामना किया।
मयंक मारकंडे: लेग ब्रेक गेंदबाज ने विकेट लेना जारी रखा। मयंक मारकंडे ने हरियाणा को अपने लक्ष्य तक पहुंचने नहीं दिया और उन्होंने तीन ओवर के स्पेल में दो विकेट झटक कर हरियाणा के सपनों पर पानी फेर दिया जो पहले ही मैच में काफी संघर्ष कर रहा था।
बासिल थंपी: बासिल थंपी के लिए यह मुश्किल भरा था, जिन्होंने मैच में मुश्किल ओवर डाले। सौराष्ट्र के बल्लेबाजों ने बड़ा स्कोर बनाने के लिए उनके स्पेल के दौरान काफी रन बटोरे और उन्हें काफी परेशान किया। 4-0-45-0।
जयदेव उनादकट: शुरुआत के तीन ओवरोंं में, पहले ही ओवर में एक विकेट लिया और 19वें ओवर में सिर्फ छह रन देकर मैच को उसके मुकाम तक पहुंचाया। उन्होंने ऐसा तब किया, जब केरल के बल्लेबाज लक्ष्य को हासिल करने की हर मुमकिन कोशिश कर रहे थे।
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दिन 7 – अक्टूबर 22 2022
राहुल बुद्धि: उन्होंने एक ओपनर के साथ ही फिनिशर की भूमिका भी अच्छे से निभाई। लीग स्टेज के दौरान बल्लेबाजी क्रम में फेरबदल करने के बाद, आज सलामी बल्लेबाज राहुल बुद्धि ने 51 गेंदों में 72 रनों की पारी खेली, जिसमें नौ चौके और दो छक्के भी शामिल रहे। इसके परिणामस्वरूप हैदराबाद ने बिना कोई विकेट गंवाए 120 रन के लक्ष्य को हासिल कर लिया।
अर्जुन तेंदुलकर: बाएं हाथ के तेज गेंदबाज के लिए यह आउटिंग काफी शानदार थी, जिससे खेल में उनका आत्मविश्वास काफी बढ़ा। पुडुचेरी के बल्लेबाजों का सामना गोवा के गेंदबाजों से था। अर्जुन तेंदुलकर ने इस मैच में अहम विकेट झटके।
तिलक वर्मा: SMAT में सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज तिलक वर्मा को आज बल्लेबाजी करने का मौका नहीं मिला। हैदराबाद के सलामी बल्लेबाजों ने आसानी के साथ एक कम स्कोर वाले लक्ष्य को हासिल कर लिया।
ईशान किशन: उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला, क्योंकि झारखंड प्रबंधन ने कुछ अन्य बल्लेबाजों को मौका देने का फैसला किया। दरअसल, उनके गेंदबाजों ने सिक्किम को सिर्फ 58 रन पर ही ढेर कर दिया। इसी कारण प्रबंधन ने उन्हें आराम देकर अन्य बल्लेबाजों को मौका दिया।
कुमार कार्तिकेय: राजकोट में एक हाई स्कोरिंग मैच में उस दिन लगभग 400 रन बने। कुमार कार्तिकेय अपनी टीम के सबसे किफायती गेंदबाज थे, जिन्होंने अपने चार ओवर के स्पेल में सिर्फ 27 रन दिए, लेकिन उन्होंने एक भी विकेट नहीं लिया।
आर्यन जुयाल : आर्यन जुयाल के लिए अभी अच्छा समय नहीं चल रहा है, वह सिर्फ 6 रन बनाकर पवेलियन लौट गए।
अनमोलप्रीत सिंह: लगातार पांचवें मुकाबले में अनमोलप्रीत सिंह टीम का हिस्सा हैं, लेकिन उन्हें बल्लेबाजी करने का मौका नहीं मिल रहा है। पंजाब के गेंदबाजों और सलामी बल्लेबाजों के कारण उन्हें मौका नहीं मिल रहा है!
रमनदीप सिंह: उन्हें बल्लेबाजी करने का मौका नहींं मिला, लेकिन उन्होंने गेंदबाजी की और बीच के खेल में कुछ ओवरों में 16 रन दिए।
मयंक मारकंडे: एक पारी में जहां यूपी के बल्लेबाज शुरुआती ओवरों में आउट नहीं हो रहे थे, मयंक मारकंडे ने पंजाब के तेज गेंदबाजों द्वारा बनाए गए दबाव में यूपी टीम के कप्तान का विकेट झटका और 4-0-31-1 के गेंदबाजी आंकड़े के साथ मैच खत्म किया।
आकाश माधवाल: एक और कप्तान का जादू चला, और आकाश माधवाल इस टूर्नामेंट में अपनी छाप छोड़ने में कामयाब हो रहे हैं। मुंबई जैसी टीम के खिलाफ, जिसने 174 रन बनाए थे, वह 4-0-23-2 के स्पेल के शुरुआत और आखिर में विकेट चटकाने में सफल रहे।
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दिन 6 – अक्टूबर 20 2022
ईशान किशन: वह मैदान पर उतरे और उन्होंने जीत हासिल की। उनके बल्ले से 102 रनों की शानदार पारी निकली। 64 गेंदों की इस पारी के दौरान उन्होंने 5 चौके और 7 छक्के जड़े। यह सिर्फ ईशान किशन ही कर सकते हैं!
कुमार कार्तिकेय: कुमार कार्तिकेय के लिए यह एक प्रभावशाली दिन रहा, जो एक हाई स्कोरिंग मैच का हिस्सा थे। उन्होंने अपने स्पेल को छह से कम की इकॉनमी के साथ खत्म किया। उन्होंने विदर्भ के कप्तान को भी आउट किया।
अनमोलप्रीत सिंह: एक और दिन, एक और मैच जहां अनमोलप्रीत सिंह को बल्लेबाजी करने का मौका नहीं मिला। बता दें कि उन्हें लगातार चौथी बार बल्लेबाजी करने का मौका नहीं मिला। एक बार फिर पंजाब के गेंदबाज इसकी वजह बने हैं। साथ ही, पंजाब के एक्सपर्ट अन्य खिलाड़ियों को खेलने का मौका देना चाहते थे।
मयंक मारकंडे: एक बार फिर मयंक मारकंडे ने शानदार गेंदबाजी का मुजाहिरा करते हुए मैदान पर अपना प्रभाव छोड़ा। उन्होंने इस मैच को 4-0-17-2 के एक और शानदार स्पेल के साथ खत्म किया।
रमनदीप सिंह: उनके पास मैच में योगदान देने के लिए काफी कुछ नहीं था। 7वें गेंदबाज विकल्प के रूप में गेंदबाजी करते हुए रमनदीप सिंह ने सिर्फ एक ओवर फेंका और सिर्फ दो रन दिए। इसके बाद उन्हें बल्लेबाजी करने की जरूरत नहीं पड़ी।
जयदेव उनादकट: उन्होंने खेल की गुणवत्ता का स्तर बढ़ाने के लिए पारी की शुरुआत में एक और तेज स्पेल के साथ अपनी टीम का नेतृत्व किया, जिसके कारण टीम ने ग्रुप डी तालिका के शीर्ष पर जगह हासिल की और उन्होंने अपने चार ओवरों में 2/17 दिए।
मुरुगन अश्विन: इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में मुरुगन अश्विन ने सिर्फ एक ओवर डाला और एक विकेट झटका। चंडीगढ़ की बल्लेबाजी की लय टूट गई और तमिलनाडु के अन्य गेंदबाजों ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए उन्हें रन बटोरने का मौका नहीं दिया।
बासिल थंपी: पारी में कई चरणों में विकेटों और शानदार इकॉनमी रेट के साथ बासिल थंपी ने इस मैच में अपना दबदबा कायम किया और जम्मू-कश्मीर को अपनी गेंदबाजी से परेशान करते हुए जीत की रेस से बाहर कर दिया। उनके आंकड़े: 4-0-21-3।
अर्जुन तेंदुलकर: बल्ले और गेंद दोनों से शानदार शुरुआत की, लेकिन दुर्भाग्य से अर्जुन तेंदुलकर इस लय को बरकरार नहीं रख सके। वे शुरुआती विकेट गिरने के बाद तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे औरइस दौरान उन्होंने एक चौका और एक छक्का जड़ा। लेकिन इसके बाद वह 12 गेंदों में 15 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। गेंदबाजी करते हुए उन्होंने पहली गेंद पर एक विकेट लिया। उन्होंने तीन ओवरों में 29 रन देकर एक विकेट हासिल किया।
तिलक वर्मा: जब वह मैच में अर्धशतक नहीं जड़ते हैं तो यह किसी असफलता की तरह लगता है। तिलक वर्मा ऐसे ही एक दौर से गुजर रहे हैं। जब हैदराबाद की पारी में रन नहीं बन रहे थे, वह एकमात्र ऐसे बल्लेबाज थे जिन्होंने 37 गेंदों में 48 रन बनाए, जिसमें तीन चौके और तीन छक्के शामिल थे।
आर्यन जुयाल : आर्यन जुयाल के लिए यह पारी शानदार साबित हुई। उन्होंने अपनी बल्लेबाजी के दम पर 58 गेंदों में नाबाद 71 रन बनाकर खेल को समाप्त किया।
राहुल बुद्धि: पिछले मैच में शानदार प्रदर्शन के बाद राहुल बुद्धि इस मैच में पहली गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट हो गए।
आकाश माधवाल: एक ऐसा मुकाबला जहां आकाश माधवाल के पास भी करने के लिए ज्यादा कुछ नहीं था क्योंकि मिजोरम की टीम सिर्फ 50 रन ही बना सकी। उन्होंने आक्रामक गेंदबाजी की शुरुआत करते हुए अपने शुरू के दो ओवर में 14 रन दिए। इसके बाद उन्होंने गेंदबाजी नहीं की।
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दिन 5 – अक्टूबर 18 2022
ईशान किशन: राष्ट्रीय स्तर पर मैच खेलकर वापस लौटे ईशान किशन ने हमेशा की तरह अपनी टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन करने की कोशिश की। उन्होंने 18 गेंदों में कुल 24 रन बनाए, जिसमें तीन चौके और एक छक्का शामिल था।
अनमोलप्रीत सिंह: लगातार तीसरे मैच में अनमोलप्रीत सिंह को बल्लेबाजी करने का मौका नहीं मिला, क्योंकि पंजाब के गेंदबाजों ने विपक्षी टीम को महज 40 रन पर आउट कर दिया!
तिलक वर्मा: यह बहुत ही हैरान करने वाला था। चार अर्धशतक जड़ने के बाद आखिरकार तिलक वर्मा के हाथ असफलता लगी। उन्होंने इस मैच में 10 गेंदों पर सिर्फ 13 रन बनाए।
आर्यन जुयाल: यूपी के शुरुआती विकेट गिरने के बाद उन्होंने अच्छी शुरुआत की। लेकिन 15 गेंदों में 18 रन बनाने के बाद एक खराब शॉट के चलते उन्हें आउट होकर पवेलियन लौटना पड़ा।
अर्जुन तेंदुलकर: एक कम स्कोर वाले मैच में जहां गोवा ने सिर्फ 131 बनाए थे। अर्जुन तेंदुलकर ने शुरुआत में ही गेंद से अच्छी लय हासिल कर ली थी। उन्होंने पहले ही ओवर में यूपी के कप्तान को आउट कर दिया। उन्होंने आखिरी ओवर में वापसी करते हुए एक और विकेट लिया। इसके साथ ही उन्होंने अच्छी गेंदबाजी की और टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।
रमनदीप सिंह: इस मैच में मिजोरम के बल्लेबाज एक के बाद एक धराशायी हो गए। रमनदीप सिंह आखिर में गेंदबाजी करने आए और लगातार दो गेंदों पर आठवें और नौवें नंबर के बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई।
ऋतिक शौकीन: तीन ओवर में 1/24 के आंकड़े भले ही ज्यादा आकर्षक ना लगें, लेकिन उन्होंने जो विकेट लिया वह तिलक वर्मा का था, जिन्होंने लगातार चार अर्द्धशतक बनाए थे। ऋतिक अचानक ही मैच जिताने वाले खिलाड़ी बन गए!
राहुल बुद्धि: उन्होंने न सिर्फ अपनी अच्छी फॉर्म का परिचय दिया, बल्कि एक समय पर जीत की संभावनाएं भी बनाई। राहुल बुद्धि, बल्लेबाजी क्रम में फेरबदल होने के बाद अपनी सामान्य फिनिशर की भूमिका में वापस लौट आए और 35 गेंदों में 47 रन बनाए, जिसमें तीन चौके और तीन छक्के शामिल थे।
मयंक मारकंडे: 3.1-0-4-4। यकीनन उन्होंने बहुत ही अच्छा खेल दिखाया। अपनी शानदार गेंदबाजी की बदौलत वह मिजोरम के मध्य-क्रम के बल्लेबाजों के लिए सिर दर्द बने।
संजय यादव: एक ऐसी पारी में जहां तमिलनाडु ने रन बनाने के लिए काफी संघर्ष किया। वहीं, संजय यादव का हाल भी कुछ ऐसा ही था। उनके रन: 21(22)।
आकाश माधवाल: आकाश माधवाल के हाथ आज एक भी विकेट नहीं लगा, जिन्होंने अपने चार ओवरों को 0/33 के आंकड़े के साथ समाप्त किया। उन्होंने शानदार शुरुआत की। पारी के आखिरी ओवर में सिर्फ तीन रन दिए और एक रन आउट किया।
जयदेव उनादकट: सौराष्ट्र के कप्तान के लिए एक प्रभावशाली आउटिंग रही। उन्होंने चार ओवरों में 2/24 के स्पेल के साथ दोनों ही अहम बल्लेबाजों के विकेट हासिल किए, जो एचपी के लिए एक बड़ा स्कोर बनाने की पूरी कोशिश कर रहे थे।
मुरुगन अश्विन: आखिरी मैच मिस करने के बाद वापस टीम में आए मुरुगन अश्विन ने अपना शानदार खेल दिखाने के लिए जरा भी समय बर्बाद नहीं किया। टीम के इस अहम खिलाड़ी ने दो विकेट चटकाए और अपने चार ओवरों में सिर्फ 29 रन देकर झारखंड के बल्लेबाजों को खासा परेशान किया।
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दिन 4 – 16 अक्टूबर, 2022
अनमोलप्रीत सिंह: हां, उन्होंने एक बार फिर अर्धशतक नहीं जड़ा, क्योंकि वह बल्लेबाजी करने नहीं उतरे! पंजाब के शीर्ष तीन बल्लेबाजों ने छोटे लक्ष्य का पीछा करते हुए अनमोलप्रीत सिंह के लिए कुछ नहीं छोड़ा।
तिलक वर्मा: हमने सोचा था कि लगातार तीन अर्धशतक बनाना बहुत ही मुश्किल है, लेकिन तिलक वर्मा ने इसे गलत साबित कर दिया। उन्होंने लगातार 4 अर्धशतक 50, 57, 62, 67 जड़े हैं और यह 145 से अधिक के स्ट्राइक-रेट पर बनाए गए, जिसमें सात चौके और दो छक्के शामिल हैं। उन्होंने यहां ड्रीम पर्पल पैच को गंभीरता से लिया है और साफतौर पर हैदराबाद को अकेले दम पर ही नॉकआउट में ले जा रहे हैं। जाओ, उन्हें रोकने की कोशिश करो!
राहुल बुद्धि : छठे नंबर से चौथे नंबर पर और फिर सलामी बल्लेबाज बनने तक का सफर। बल्लेबाजी क्रम में राहुल बुद्धि लगातार आगे बढ़ रहे है, लेकिन यह बहुत ही दुख की बात है कि उनके नाम ज्यादा रन नहीं है। उन्होंने 25 गेंदों में सिर्फ 16 रन बनाए।
बासिल थंपी: एक T-20 में छह से कम का इकॉनमी रेट हमेशा अच्छा होता है, और हमारे खिलाड़ी ने इसी इकॉनमी रेट से रन दिए। उन्होंने बीच के ओवरों में गेंदबाजी की और बल्लेबाजों को काफी परेशान किया: 4-0-22-0।
संजय यादव: संजय ने अभी तक अपना बेहतरीन खेल नहीं खेला है। हाल ही में टीएनपीएल में आक्रामक प्रदर्शन करने के बाद संजय यादव इस टूर्नामेंट में ऐसा प्रदर्शन करने कामयाब नहीं हुए है। वह चार मैचों में दूसरी बार बिना रन बनाए आउट हुए हैं। इस बार वह दूसरी गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट हो गए।
मयंक मारकंडे: मयंक मारकंडे के लिए यह मुकाबला भी ठीक रहा। उन्होंने आमतौर पर वही किया जो जयपुर की गर्मी में किया जा सकता था। वह स्पिन की मदद से विकेट लेना चाह रहे थे। उन्होंने चार ओवर में 27 रन देकर एक विकेट चटका।
जयदेव उनादकट: आज का मैच जयदेव के लिए बहुत ही शानदार था। उन्होंने क्रीज पर एक तनावपूर्ण माहौल में दो विकेट लिए, पहला विकेट शुरुआत में और दूसरा आखिरी ओवर में एक अच्छे बल्लेबाज के विकेट के रूप में झटका।
आकाश माधवाल: उन्होंने मुश्किल ओवरों में गेंदबाजी की। शुरुआत में दो ओवर और फिर पारी के आखिर में दो ओवर डालते हुए उन्होंने अच्छी गेंदबाजी की। मुकाबले को 4-0-30-1 के गेंदबाजी आंकड़े के साथ उन्होंने समाप्त किया।
कुमार कार्तिकेय: प्रभावशाली खिलाड़ी के रूप में कुमार कार्तिकेय ने काफी अच्छा खेल दिखाया । एक हाई-स्कोरिंग मैच में जहां उन्हें रेलवे के बल्लेबाजों के खिलाफ रन बचाने थे, जो राजकोट में एक फ्लैट पिच पर बड़े शॉट्स लगाने की होड़ में थे। उन्होंने लगातार गेंदों पर दो विकेट लिए और बीच के ओवरों में रनों पर अंकुश लगाने में वह कामयाब रहे।
आर्यन जुयाल : 55* रन | 36 गेंदें | 7 चौके | 1 छक्का। एक हफ्ते में यह दूसरी बार हुआ है जब यूपी ने एक भी विकेट गंवाए बिना अपने लक्ष्य को हासिल किया। वहीं आर्यन जुयाल ने सबको हैरान करते हुए बेहतरीन प्रदर्शन किया और 152.78 के स्ट्राइक-रेट के साथ खेल खत्म किया।
अर्जुन तेंदुलकर: एक ऐसे खेल में जहां गोवा ने आठ गेंदबाजों से गेंदबाजी कराई और पंजाब के बल्लेबाजों ने ताबड़तोड़ रन बनाए। अर्जुन तेंदुलकर ने शुरुआत में 2 ओवर में 12 रन दिए और टीम ने मैच पर फिर से पकड़ हासिल की।
रमनदीप सिंह: पंजाब के सलामी बल्लेबाजों के शानदार प्रदर्शन की बदौलत रमनदीप सिंह को इस मैच में ज्यादा बल्लेबाजी करने का अवसर नहीं मिला। उन्होंने सात गेंदों का सामना किया और आखिर में अपनी टीम के लिए विनिंग शॉट खेला।
दिन 3 – 14 अक्टूबर 2022
अनमोलप्रीत सिंह: अनमोलप्रीत सिंह को उनके फॉर्म से बाहर रखने का एक ही तरीका है कि क्रीज से उनको दूर रखा जाए और असम के गेंदबाजों ने बिल्कुल ऐसा ही किया। जहां पंजाब ने विपक्षी टीम के बनाए स्कोर को महज एक विकेट खोकर ही लक्ष्य पूरा कर लिया।
राहुल बुद्धी: राहुल बुद्धी को थोड़ा मुश्किलों का सामना करना पड़ा। आमतौर पर वह छह नंबर पर बल्लेबाजी करते हैं, लेकिन आज वो चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए। उन्होंने अपनी पारी की शुरुआत बेहतरीन अंदाज में की, लेकिन अफसोस कि पांच गेंदों में सिर्फ आठ रन बनाकर वह जल्दी आउट हो गए।
तिलक वर्मा: आप उनसे एक बेहतरीन पारी की उम्मीद करते हैं और हुआ भी ऐसा ही। T20 में लगातार अर्धशतक बनाना थोड़ा कम देखने को मिलता है, लेकिन हमारे खिलाड़ी ने अभी तक तीन बेहतरीन पारी खेली हैं। उन्होंने 46 गेंदों में 62 रन बनाए, जिसमें 6 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। इससे पहले कि अगर आपको लगता है कि यह बहुत शानदार है तो बता दें कि गेंदबाजी में उनके नाम एक विकेट भी है।
कुमार कार्तिकेय: उनकी बेहतरीन स्पिन का तोड़ निकालना आज उत्तराखंड के बल्लेबाजों के लिए इतना भी मुश्किल नहीं था। मैदान पर वह थोड़े महंगे साबित हुए और 0/43 के आंकड़े के साथ इस स्पेल को समाप्त किया।
आकाश मधवाल: उत्तराखंड के कप्तान ने एक बेहतरीन पेस, सटीक और 4.75 की इकॉनमी के साथ गेंदबाजी की। आकाश मधवाल अपनी पसंदीदा टीम मध्य प्रदेश के खिलाफ जीत दर्ज करते हुए काफी खुश नजर आए।
मयंक मारकंडे: हो सकता है कि उन्हें अपने ओवर का कोटा पूरा करने के लिए तीन पारियां खेलनी पड़ीं हों। लेकिन मयंक मारकंडे अपने अटैकिंग रूप में पहचान बनाने वाले छठे गेंदबाज रहे और मध्य-क्रम की एक जोड़ी को बड़ी आसानी से पवेलियन की राह दिखाई और 2/24 के साथ अपना एक बेहतरीन स्पेल समाप्त किया।
संजय यादव: खेल के जीवन में विनिंग पारी खेलने का एक अलग ही मजा है और संजय यादव ने आज ये सबकुछ कर दिखाया। नंबर 3 पर बल्लेबाजी करने उतरे संजय पहले बल्ले और फिर अपनी धारदार गेंदबाजी की बदौलत अपनी विपक्षी टीम को धूल चटा दी। उन्होंने अपने तीन ओवरों में सिर्फ 11 रन देकर दो विकेट चटकाए।
बासिल थंपी: डेथ-ओवरों से उनके आंकड़े थोड़े खराब जरूर हो गए, लेकिन बासिल थंपी ने वास्तव में एक अच्छी शुरुआत की। पहले से ही खराब फॉर्म में चल रही हरियाणा को उन्होंने अपनी गेंदाबाजी से काफी छकाया। हालांकि उन्होंने महज चार ओवरों में 40 रन देकर एक विकेट चटकाए।
आर्यन जुयाल: आज का दिन आर्यन जुयान के लिए ज्यादा कुछ खास नहीं था। वो अपने बल्लेबाजी से गेंदबाजों को छका नहीं सके। वो सिर्फ 11 रन बनाकर पावरप्ले में स्पिन गेंदबाजी का शिकार हो गए।
जयदेव उनादकट: जयदेव उनादकट के लिए आज का दिन बहुत ही खुशी का दिन था। उनकी टीम ने नागालैंड को 97 रनों से करारी शिकस्त दी। इस दौरान उनादकट ने अपनी धारदार स्विंग का बखूबी फायदा उठाया और शुरुआती विकेट झटकने में कामयाब रहे।
अर्जुन तेंदुलकर: अगर यह दिन किसी का होना चाहिए, तो वह अर्जुन तेंदुलकर का होना चाहिए। क्योंकि उन्होंने अपनी इस पारी के दौरान 4 ओवरों में सिर्फ 10 रन देकर चार विकेट झटके। जबकि गोवा ने 177 रन खाए।
दिन 2 – 12th October 2022
अनमोलप्रीत सिंह: शानदार फॉर्म में दिख रहे हैं अनमोलप्रीत सिंह। यही वजह है कि वह कुछ गलत नहीं कर रहे हैं। ठंडे दिमाग से खेलते हुए वह सुर्खियों में आ रहे हैं। उन्होंने दिल्ली के खिलाफ 47 गेंदों में 64 रनों की शानदार पारी खेलने के अलावा हैदराबाद के खिलाफ अपने पहले मैच में 40 गेंदों में 50 रन बनाए।
राहुल बुद्धि: एक मुश्किल विकेट पर पांडिचेरी के खिलाफ एक कम स्कोरिंग थ्रिलर में, राहुल बुद्धि 17वें ओवर में बल्लेबाजी करने आए, लेकिन वह ज्यादा देर तक विकेट पर टिक नहीं सके और सिर्फ 3 रन पर बनाकर आउट हो गए। लेकिन ये शुरुआती दिन हैं, और बुद्धि जैसे सभी फिनिशरों को अपना जौहर दिखाने के लिए बस कुछ बड़े हिट की जरूरत है। यकीनन टीम उनके बल्ले से एक विस्फोटक पारी निकलने का इंतजार कर रही होगी।
तिलक वर्मा: एक और सुबह, एक और सूर्योदय, एक और अर्धशतक! T20 क्रिकेट में लगातार रन बनाना आसान नहीं होता। लेकिन तिलक वर्मा अपने प्रदर्शन से इस बात को गलत साबित कर रहे हैं। हैदराबाद का बल्लेबाजी क्रम पांडिचेरी के खिलाफ एक बार फिर से लड़खड़ाता हुआ दिखाई दिया लेकिन वर्मा विकेट पर टिके रहे और उन्होंने 41 गेंदों पर 57 रनों की अपनी पारी के दौरान चार छक्के और एक चौका लगाया।
रमनदीप सिंह: दिल्ली के खिलाफ एक लंबे लक्ष्य का पीछा करते हुए, रमनदीप सिंह आखिर तक बल्लेबाजी करने में असफल रहे। जब वह विकेट पर आए तो उनकी टीम को अंतिम 4 ओवरों में 45 रन की जरूरत थी, लेकिन अफसोस, आठ गेंदों में वह छह रन ही बनाने में सके। यह कहना गलत नहीं होगा कि फिनिशरों का काम आसान नहीं होता है।
अर्जुन तेंदुलकर: अर्जुन तेंदुलकर ने अपने खेल से एक बार फिर सबका ध्यान अपनी ओर खींचा! एक अच्छे डेब्यू के बाद, अर्जुन ने मणिपुर के दो बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई और अपने 4 ओवर के कोटे को 2/20 के आंकड़े के साथ समाप्त किया। मणिपुर की टीम अर्जुन द्वारा दिए गए दो शरुआती झटकों से कभी उबर नहीं पाई।
ऋतिक शौकीन: 17 रन देकर दो ओवर आपके लिए सबसे किफायती गेंदबाजी नहीं होती है, लेकिन ऋतिक शौकिन ने खतरनाक अभिषेक शर्मा को 17 गेंदों में 33 रन पर क्लीन बोल्ड करके खेल को पलटने में मदद की। इस मैच को दिल्ली ने 12 रनों से अपने नाम किया।
आकाश मधवाल: उनकी टीम के बल्लेबाज असम के खिलाफ स्कोरबोर्ड पर ज्यादा रन बनाने में असफल रहे। इसकी वजह से उत्तराखंड को असम के खिलाफ 7 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। उत्तराखंड के कप्तान आकाश मधवाल ने मैच में 3 ओवरों में 36 रन देते हुए 1 विकेट झटका।
जयदेव उनादकट: जयदेव उनादकट की कप्तानी में सौराष्ट्र ने अपने पहले मुकाबले में बड़ौदा को 4 विकेट से मात दी। इस मैच में उनादकट थोड़े महंगे साबित हुए और उनका गेंदबाजी आंकड़ा 4-0-33-1 का रहा।
कुमार कार्तिकेय: यह स्पष्ट रूप से मिस्ट्री स्पिनर के लिए सबसे आदर्श मैच नहीं था, जिसने नई गेंद से गेंदबाजी की शुरुआत की। मुंबई के खिलाफ कार्तिकेय थोड़े महंगे साबित हुए और उन्होंने 3 ओवरों में 29 रन देते हुए 1 विकेट चटकाया। हालांकि युवा स्पिनर के लिए अच्छी बात यह रही कि उन्होंने पृथ्वी शॉ का बड़ा विकेट हासिल किया। मुंबई ने इस मुकाबले में मध्य प्रदेश को 8 विकेट से मात दी।
मयंक मारकंडे: इस बार भी मयंक मारकंडे कुछ खास प्रदर्शन करने में नाकामयाब रहे। एक हाई-स्कोरिंग थ्रिलर में, जहां दिल्ली के मध्यक्रम ने शानदार खेल दिखाया, मयंक को गेंदबाजी करने के लिए सिर्फ एक ओवर मिला, जिसमें उन्होंने 11 रन दिए। पंजाब ने आठ गेंदबाजी विकल्पों का इस्तेमाल किया।
संजय यादव: यह तमिलनाडु के लिए काफी आसान था, लेकिन संजय यादव जल्द ही अपनी पारी को भूलना चाहेंगे। इस मैच में वह पांच गेंदों में शून्य पर आउट हुए।
बासिल थंपी: सितारों से सजी कर्नाटक टीम के खिलाफ बासिल थंपी ने तीन ओवर में 28 रन खर्च करते हुए 1 विकेट हासिल किया। इस मैच में केरल ने 53 रनों से जीत दर्ज की।
आर्यन जुयाल: यह बात सच है कि रन आउट होना कभी अच्छा नहीं होता। खासतौर पर जब आपको एक अच्छी शुरुआत मिल चुकी हो। आर्यन जुयाल का आज एक दिन ऐसा ही रहा, जिसमें उन्होंने रन आउट होने से पहले 17 गेंदों पर 14 रनों की पारी खेली।
दिन 1 - 11th October 2022
अनमोलप्रीत सिंह: पहले संभलकर खेले और फिर अंत में किया प्रहार। पंजाब के लिए तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी उतरे अनमोलप्रीत सिंह ने हैदराबाद के खिलाफ शानदार बल्लेबाजी करते हुए 40 गेंदों पर 50 रनों की पारी खेली।
राहुल बुद्धि: T20 में छठे नंबर पर बल्लेबाजी करना कोई आसान काम नहीं होता और खास तौर पर जब आपकी टीम के शुरुआती विकेट बहुत जल्दी गिर गए हों। पंजाब के खिलाफ मैच में राहुल बुद्धि 21 गेंदों में 20 रनों के साथ दोहरे अंक में पहुंचने वाले तीन हैदराबाद के बल्लेबाजों में से एक थे, और उन्होंने तिलक वर्मा के साथ एक अच्छी साझेदारी भी की। लेकिन उनकी टीम ये मुकाबला 59 रनों से हार गई।
तिलक वर्मा: तिलक वर्मा वह खिलाड़ी हैं जिनपर सभी की नजरें हैं। वह सभी फॉर्मेट में अपने आपको सही तरीके से ढाल रहे हैं। भारत ए के लिए प्रथम श्रेणी शतक और लिस्ट ए में अर्धशतक बनाने के बाद, वर्मा T20 फॉर्मेट में अब अपना जलवा बिखेरने को तैयार हैं। पंजाब के खिलाफ तिलक वर्मा ही एकमात्र ऐसे बल्लेबाज थे जिन्होंने विरोधी गेंदबाजों का डटकर सामना किया और 38 गेंदों में 50 रनों की पारी खेली।
रमनदीप सिंह: रमनदीप सिंह को अपनी टीम पंजाब के लिए प्रभावशाली प्रदर्शन करने का ज्यादा मौका नहीं मिला। दरअसल, उन्हें आखिर में सिर्फ दो गेंदें खेलने को मिली जिसमें उन्होंने तीन रन बनाए।
अर्जुन तेंदुलकर: लगभग 20 महीनों के बाद T20 मुकाबला खेलना और वो भी अपनी नई टीम गोवा के लिए। तो निश्चित रूप से आप अपनी लय को हिट करने के लिए अपना समय ले रहे होंगे। लेकिन अर्जुन तेंदुलकर के लिए ऐसा नहीं है, जिन्होंने नई गेंद से गेंदबाजी करते हुए प्रभावशाली प्रदर्शन किया। हालांकि उन्हें कोई विकेट नहीं मिला, लेकिन उन्होंने त्रिपुरा के खिलाफ अपने तीन ओवरों में सिर्फ 20 रन दिए।
मुरुगन अश्विन: चतुर, किफायती और चुपके से रडार के नीचे। मुरुगन अश्विन सालों से ऐसा कर रहे हैं, और छत्तीसगढ़ के खिलाफ मुकाबले में भी उन्होंने कुछ ऐसा ही प्रदर्शन किया। तीन ओवर में सिर्फ 14 रन देकर अश्विन ने किफायती गेंदबाजी का मुजाहिरा किया।
ऋतिक शौकीन: सबसे पहली बात, हमारे खिलाड़ी ने इतिहास रच दिया है, जो टूर्नामेंट में पहला इम्पैक्ट प्लेयर बन गया है। वाकई उनका प्रदर्शन बेहद ही प्रभावशाली था। मणिपुर की टीम उनकी मिस्ट्री स्पिन के आगे 20 ओवरों में 100 रन भी नहीं बना पाई।
आकाश मधवाल: एक कप्तान बेहतरीन प्रदर्शन के साथ टीम के साथी खिलाड़ियों के लिए उदहारण सेट कर सकता है और आकाश मधवाल ने ठीक वैसा ही किया। शानदार गेंदबाजी का मुजाहिरा करते हुए उन्होंने 4-0-25-4 का गेंदबाजी आंकड़ा हासिल किया। इस मैच में उत्तराखंड ने सर्विसेज को 7 विकेट से मात दी।
कुमार कार्तिकेय: बीच के ओवरों में कुशल रूप से गेंदबाजी करने में माहिर, कुमार कार्तिकेय ने राजस्थान के खिलाफ अपने चार ओवरों में 1/20 के स्पेल के साथ किफायती गेंदबाजी की।
मयंक मारकंडे: एक मैच में जहां हैदराबाद की टीम लक्ष्य का पीछा कर रही थी, लेकिन मयंक मारकंडे के पास इस मैच में करने के लिए बहुत कुछ नहीं था, क्योंकि उन्हें सिर्फ दो ओवर ही गेंदबाजी करने का मौका मिला।
संजय यादव: छत्तीसगढ़ के खिलाफ संजय यादव ने अपने एक ओवर में एक विकेट लिया और बल्ले से भी एक बड़ा छक्का लगाया, लेकिन इस मैच में तमिलनाडु की टीम को हार का सामना करना पड़ा।
बासिल थंपी: बारिश से बाधित मैच में, जिसे 11 ओवर तक घटा दिया गया था, बासिल थंपी ने सटीक अंदाज में गेंदबाजी की शुरुआत की और तीन ओवरों में सिर्फ 18 रन दिए।
आर्यन जुयाल: बल्लेबाजी की शुरुआत करना और फिर एक छोटे लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम के लिए महत्वपूर्ण योदगान देना। आर्यन जुयाल ने आज महज 94 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 34 गेंदों में 43 रनों की अहम पारी खेली।