MI का #ESAMatchDay 2026: जब 20,000 सपनों के लिए एकजुट होता है मुंबई
हर साल ESA मैच डे वानखेड़े स्टेडियम को सिर्फ क्रिकेट का मैदान नहीं, बल्कि खुशियों और उम्मीदों का मंच बना देता है। इस रविवार, 24 मई को मुंबई इंडियंस और राजस्थान रॉयल्स के मैच के दौरान मुंबई, महाराष्ट्र और गुजरात के गांवों, आदिवासी इलाकों और वंचित वर्गों से आए 20,000 से ज्यादा बच्चे स्टेडियम में मौजूद रहेंगे।
इनमें 200 से अधिक विशेष जरूरतों वाले बच्चे भी शामिल हैं। रिलायंस फाउंडेशन की एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स फॉर ऑल (ESA) पहल के तहत आयोजित यह खास दिन खेल, समावेशन और बच्चों के सपनों का जश्न मनाएगा।
इस पहल की शुरुआत श्रीमती नीता एम. अंबानी ने की थी, जो खेल और शिक्षा के जरिए बदलाव लाने वाले कई बड़े अभियानों से जुड़ी रही हैं। इस साल पहली बार नेशनल एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड (NAB) के 100 दृष्टिबाधित बच्चे भी अपने हियरिंग बडीज़ के साथ इस खास अनुभव का हिस्सा बनेंगे।
ESA मैच से पहले सचिन तेंदुलकर ने कहा, “वानखेड़े में होने वाला ESA मैच हम सभी के लिए बेहद खास होता है। ऐसा बहुत कम होता है जब आप पूरे स्टेडियम में मौजूद हजारों बच्चों को अपने लिए चीयर करते हुए देखते हैं और वह ऊर्जा सच में अलग होती है।
"मुझे आज भी याद है कि 1983 में बचपन में मैंने वानखेड़े में एक मैच देखा था और उसकी यादें हमेशा मेरे साथ रहीं। मुझे पूरा विश्वास है कि ये बच्चे भी इस दिन की यादों को जिंदगीभर अपने साथ रखेंगे।"
ESA को खास बनाने वाली सबसे बड़ी बात यह है कि इस अनोखे अनुभव को सफल बनाने के लिए पूरा मुंबई शहर एकजुट हो जाता है। खिलाड़ियों और फैंस से लेकर वॉलंटियर्स, एनजीओ और पार्टनर ऑर्गनाइजेशन तक, हर कोई #OneFamily की भावना के साथ इस पहल का हिस्सा बनता है।
मुंबई और महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों से बच्चों को वानखेड़े स्टेडियम तक पहुंचाने के लिए 500 से ज्यादा BEST और निजी बसों की व्यवस्था की गई है।
इस पूरे आयोजन को सफल बनाने के लिए मेडिकल टीमें, पुलिसकर्मी, ट्रैफिक अधिकारी, एनजीओ और रिलायंस के 2,000 से अधिक वॉलंटियर्स, 1 लाख से ज्यादा फूड बॉक्स और बड़ी संख्या में ग्राउंड स्टाफ मिलकर काम करेंगे, ताकि हर बच्चे के लिए यह दिन सुरक्षित, खुशियों भरा और यादगार बन सके।
जब ये बच्चे आखिरकार वानखेड़े स्टेडियम में प्रवेश करेंगे, तब वहां गूंजने वाली सबसे जोरदार आवाज सिर्फ चौकों-छक्कों या विकेटों के लिए नहीं होगी, बल्कि सपनों, समावेशन और इस विश्वास के लिए होगी कि खेल वास्तव में जिंदगी बदल सकता है।
रिलायंस फाउंडेशन और मुंबई इंडियंस की ESA पहल लगातार क्रिकेट को एक ऐसे मंच के रूप में इस्तेमाल करती रही है, जो बच्चों को प्रेरित करने के साथ उन्हें शिक्षा और खेल के जरिए नए अवसरों से जोड़ता है।
इस खास दिन आईपीएल का उत्साह और हजारों बच्चों की मुस्कान मिलकर वानखेड़े स्टेडियम को समावेशन, संघर्ष, एकजुटता और खुशियों के बड़े उत्सव में बदल देती है।
पिछले 16 वर्षों में रिलायंस फाउंडेशन की ESA पहल ने भारत के 28 राज्यों में 2.9 करोड़ से अधिक बच्चों के जीवन को एक नई दिशा दी है।
इस पहल के जरिए खेल और शिक्षा के माध्यम से बच्चों की प्रतिभा, आत्मविश्वास और सपनों को आगे बढ़ाने का काम किया गया है। ESA की असली भावना हर बच्चे को सीखने, आगे बढ़ने और अपने सपनों को पूरा करने का मौका देना है।