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मैदान पर हिटमैन का जलवा, 161 रन की पारी ने बदला मैच का रुख

By Mumbai Indians

13 फरवरी, 2021 को, जब "एक्सपर्ट" चेन्नई की पिच को "माइनफील्ड" बताकर परेशान थे, तब रोहित शर्मा ने बिल्कुल अलग अंदाज में खेलने का फैसला किया।

इंग्लैंड की टीम पूरे जोश के साथ मैदान पर उतरी, लेकिन सामने ऐसी पिच थी जो पहले ही सेशन से धूल उड़ाने लगी थी। ज्यादातर बल्लेबाज घबराए हुए नजर आ रहे थे। ऐसा लग रहा था जैसे वे अंधेरे कमरे में कदम-कदम संभलकर चल रहे हों, बस यही सोचते हुए कि कहीं ठोकर न लग जाए। लेकिन हिटमैन? वह अपने आत्मविश्वास और मुंबई स्टाइल के साथ मैदान पर उतरे। उनका मकसद सिर्फ टिके रहना नहीं था, बल्कि इंग्लैंड को संभलने का मौका दिए बिना मैच पर पूरी तरह कब्जा जमाना था।

भारत की शुरुआत खराब रही, लेकिन रोहित अपने ही अंदाज में डटे रहे। जब बाकी खिलाड़ी पिच पर जूझ रहे थे, तब उन्होंने चेपॉक की उस घुमावदार पिच पर पूरे आत्मविश्वास और बिंदास इरादे के साथ ऐसे खेला जैसे शिवाजी पार्क की शनिवार दोपहर हो।

लंच तक भारत 106/3 के स्कोर के साथ दबाव में था, लेकिन रोहित ने महज 47 गेंदों में अर्धशतक बनाया था। ना कोई घबराहट, ना कोई चिंता, बस आत्मविश्वास से भरी बल्लेबाजी। वह जानते थे कि रुककर खेलने से काम नहीं चलेगा, वरना कोई न कोई गेंद उन्हें पवेलियन का रास्ता दिखा ही देगी।

उन्होंने एएनआई से कहा, "मुझे पता था कि स्वीप शॉट एक अच्छा विकल्प होगा। यह जोखिम कम लेने का सुरक्षित तरीका था।”

वह स्वीप शॉट उनका सबसे बड़ा हथियार बन गया। हिटमैन ने अपने पैरों और लंबाई का इस्तेमाल करके स्पिनर (मोईन अली और जैक लीच) को परेशान कर दिया। उन्हें गैप ढूंढते देखना ऐसा था, जैसे मुंबई का कोई व्यक्ति शाम 6 बजे भीड़भाड़ वाली दादर स्ट्रीट पर खाली जगह ढूंढ रहा हो।

ये आंकड़े मनोबल बढ़ाने वाले थे: 231 गेंदों में 161 रन, जिसमें 18 चौके और दो छक्के शामिल थे। ऐसी पिच पर जहां हर रन बनाना मुश्किल था। रोहित शर्मा ने पहले दिन भारत के कुल स्कोर के आधे से अधिक रन बनाए। यह क्लासिक खडूस क्रिकेट था: मजबूत, जिद्द से भरा और लयबद्ध।

पलटन के लिए यह घर जैसा था। अलग सफेद जर्सी, फिर भी वही एकदम कड़क जज्बा। दबाव में, बिखरती पिच पर हिटमैन ने साबित कर दिया कि वह सच में अलग ही किस्म के खिलाड़ी हैं। शांत, निर्मम और बड़े मंच के लिए बने। मुंबई के जज्बे की मिसाल।